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जीन म्यूटेशन पीड़ित बच्चे के इलाज पर HC का नोटिस

ACAN जीन म्यूटेशन से पीड़ित बच्चे के इलाज पर दिल्ली HC का नोटिस, 25 सितंबर को सुनवाई

दिल्ली HC ने ACAN जीन म्यूटेशन से जुड़ी ग्रोथ डिसऑर्डर से पीड़ित आठ वर्षीय बच्चे के लिए बिना रुकावट ग्रोथ हार्मोन उपचार की मांग वाली याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया।

acan जीन म्यूटेशन से पीड़ित बच्चे के इलाज पर दिल्ली hc का नोटिस 25 सितंबर को सुनवाई

Delhi HC Notice on ACAN Gene Disorder Boy's Growth Hormone Treatment |

नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, AIIMS और केंद्र को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। यह याचिका ACAN जीन म्यूटेशन (हड्डियों और लंबाई बढ़ाने वाले जीन में खराबी) से जुड़ी जेनेटिक ग्रोथ डिसऑर्डर से पीड़ित आठ साल के लड़के के लिए तुरंत और बिना रुकावट ग्रोथ हार्मोन/सोमैट्रोपिन ट्रीटमेंट की मांग करती है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई 25 सितंबर को तय की है।

स्वास्थ्य और जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट पाने का अधिकार के तहत याचिका दर्ज

यह याचिका 8 साल 10 महीने के नयन मिश्रा ने अपने पिता के जरिए दायर की है। इनका प्रतिनिधित्व वकील अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष कर रहे हैं। याचिका में नाबालिग के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का हवाला दिया गया है। इसमें जीवन, स्वास्थ्य और जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट पाने का अधिकार शामिल है। सुनवाई के दौरान बच्चा कोर्ट में मौजूद था।

AIIMS के जांच में बीमारी पैदा करने वाली आनुवंशिक गड़बड़ी मिला

याचिका के अनुसार, नयन को सबसे पहले नवंबर 2022 में चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय ले जाया गया था क्योंकि उसकी ग्रोथ ठीक से नहीं हो रही थी और उसकी लंबाई और वजन सही नहीं बढ़ रहे थे। इसके बाद उसे AIIMS रेफर किया गया, जहाँ जेनेटिक जांच में ACAN जीन में एक संभावित पैथोजेनिक वैरिएंट (बीमारी पैदा करने वाली आनुवंशिक गड़बड़ी) पाया गया, जो कम लंबाई और हड्डियों की उम्र तेजी से बढ़ने (एडवांस्ड बोन एज) से जुड़ा था।

AIIMS ने ग्रोथ हार्मोन/सोमैट्रोपिन थेरेपी की दी सलाह

AIIMS ने उसकी स्थिति के लिए ग्रोथ हार्मोन/सोमैट्रोपिन थेरेपी की सलाह दी, और पहली डोज़ 11 अक्टूबर, 2024 को चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में दी गई। हालाँकि, याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्रीटमेंट में बार-बार रुकावट आई क्योंकि सरकारी अस्पताल में बताया गया इंजेक्शन लगातार उपलब्ध नहीं था। कुछ मौकों पर तो रुकावट लगभग तीन महीने तक चली।

इलाज फिर रुका, ग्रोथ हार्मोन नहीं मिला

याचिका में कहा गया है कि नयन को आखिरी ग्रोथ हार्मोन/सोमैट्रोपिन इंजेक्शन 27 जुलाई को मिला था, जिसके बाद ट्रीटमेंट फिर से रोक दिया गया। इसमें यह भी कहा गया है कि कई मौकों पर रुकावट से बचने के लिए उसके पिता को खुद दवा खरीदनी पड़ी या वैकल्पिक सरकारी व्यवस्थाओं के जरिए दवा लेनी पड़ी। 

तीन साल के इलाज पर 9 लाख का खर्च

24 जून के AIIMS के एक एस्टीमेट सर्टिफिकेट के अनुसार, तीन साल के इलाज का अनुमानित खर्च 9 लाख रुपये है। याचिका में कहा गया है कि AIIMS के कंसल्टेंट ने नोट किया है कि बच्चे की लंबाई ACAN म्यूटेशन (हड्डियों और लंबाई बढ़ाने वाले जीन में खराबी) के कारण बहुत कम है और उसे ग्रोथ हार्मोन थेरेपी से फायदा होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि परिवार आर्थिक रूप से तंगी में है और इलाज का बार-बार होने वाला खर्च उठाने में असमर्थ है।

बिना रुकावट दवा उपलब्ध कराने की मांग

याचिका में कहा गया है कि बच्चे के शारीरिक विकास के अहम समय में इलाज में बार-बार रुकावट आने से इलाज का कीमती समय बर्बाद हो सकता है। इसमें अधिकारियों से निर्देश देने की मांग की गई है कि वे तुरंत बताए गए इंजेक्शन का इंतजाम करें और उनकी बिना रुकावट उपलब्धता सुनिश्चित करें। अगर चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में दवा उपलब्ध नहीं है, तो AIIMS जैसे किसी अन्य सरकारी मेडिकल संस्थान के जरिए भी यह किया जा सकता है। (Source: ANI)

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