नई दिल्ली। देश भर में गैस की बढ़ती किल्लत के बीच इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है...
नई दिल्ली। देश भर में गैस की बढ़ती किल्लत के बीच इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुकटाप निर्माता अधिकांश कंपनियां मांग को पूरा नहीं कर पा रही हैं। इस कारण बाजार में बिजली से चलने वाले चूल्हों की भारी कमी हो गई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon, Flip cart और ब्लिंकिट समेत अधिकांश मार्केटिंग कंपनियों की साइट्स पर इंडक्शन कुकटॉप आउट आफ स्टाक हो गया है।
गैस सिलेंडर की किल्लत और बुकिंग में आ रही दिक्कतों के कारण लोग तेजी से इंडक्शन की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में इंडक्शन कुकटॉप की भारी कमी है, कई प्रमुख मॉडल उपलब्ध नहीं हैं। इनकी मांग इतनी अधिक है कि कंपनियां उत्पादन बढ़ाने के बावजूद आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक एक ही दिन में करीब 1.34 लाख से ज्यादा इंडक्शन कुकटॉप बिक गए। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि सामान्य तौर पर पूरे महीने में लगभग 1.80 लाख इंडक्शन चूल्हे बिकते हैं। LPG की तुलना में बिजली का उपयोग करना फिलहाल अधिक किफायती हो गया है। ये तेज़ी से गर्म होते हैं और पारंपरिक गैस स्टोव की तुलना में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं।
पिछले चार दिनों के आंकड़े देखें तो स्थिति और भी दिलचस्प नजर आती है। Amazon के अलावा अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को मिलाकर करीब 5 लाख से ज्यादा इंडक्शन कुकटॉप ऑनलाइन बिक चुके हैं। यह संख्या बताती है कि लोग तेजी से गैस के विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हों को अपनाने लगे हैं। इंडक्शन कुकटॉप बेचने वाली कंपनियों के लिए यह अचानक बढ़ी मांग एक बड़ी चुनौती बन गई है। जानकारी के मुताबिक Amazon पर इंडक्शन बेचने वाली करीब 100 कंपनियों में से लगभग 70 कंपनियों का स्टॉक खत्म हो चुका है।
अमेजन इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, पिछले दो दिनों में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री में 30 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। प्रवक्ता ने आगे कहा, 'इसी समय, राइस कुकर और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर की मांग सामान्य से लगभग चार गुना अधिक है, जबकि एयर फ्रायर और मल्टी-यूज केतली की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है।'
फ्लिपकार्ट ने भी मांग में भारी वृद्धि की पुष्टि की है। कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में पिछले चार-पांच दिनों में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री चौगुनी हो गई है। कंपनी ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों जैसे क्षेत्रों में मांग में विशेष रूप से तेजी आई है, जहां उपभोक्ता भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति की कमी के डर से वैकल्पिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
मांग में यह उछाल घरों और छोटे व्यवसायों में खाना पकाने की गैस की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने LPG और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ा दी है। साथ ही तेल विपणन कंपनियों ने कथित तौर पर एलपीजी वितरकों से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक संस्थानों को आपूर्ति में प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है।
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