DRDO ने कुरनूल में UAV से ULPGM-V3 प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल का अंतिम कॉन्फ़िगरेशन विकास परीक्षण सफलतापूर्वक किया।
नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल के पास स्थित DRDO परीक्षण रेंज में मानवरहित हवाई वाहन (UAV) द्वारा प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल (ULPGM)-V3 के अंतिम कॉन्फ़िगरेशन विकास परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न कर लिए हैं।
अत्याधुनिक ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल
ये परीक्षण ULPGM हथियार प्रणाली को कमांड और कंट्रोल करने के लिए एकीकृत ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम (GCS) का उपयोग करके किए गए। GCS में अत्याधुनिक तकनीकें हैं जो तत्परता और प्रक्षेपण कार्यों को स्वचालित करती हैं।
भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर हुआ विकास
DRDO ने मिसाइलों के विकास और उत्पादन के लिए दो उत्पादन एजेंसियों — हैदराबाद स्थित भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और अदानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड — के साथ साझेदारी की है। वर्तमान परीक्षणों के लिए इस प्रणाली को बेंगलुरु स्थित न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित UAVs में एकीकृत किया गया है।
कई DRDO लैब्स ने निभाई अहम भूमिका
यूएलपीजीएम मिसाइल का विकास हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा नोडल प्रयोगशाला के रूप में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) हैदराबाद, टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (TBRL) चंडीगढ़ और उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) पुणे सहित अन्य DRDO प्रयोगशालाओं के सहयोग से किया गया है।
स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मिला बड़ा बढ़ावा
इस मिसाइल का उत्पादन पूरी तरह से भारतीय रक्षा तंत्र के माध्यम से किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और अन्य उद्योग शामिल हैं। परीक्षणों ने एक पूर्ण विकसित घरेलू आपूर्ति श्रृंखला की पुष्टि की है, जो तत्काल बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने डीआरडीओ, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), रक्षा सह-उत्पादन भागीदारों और उद्योग को ULPGM-V3 के सफल विकास परीक्षणों के लिए बधाई दी है। उन्होंने बताया कि ये परीक्षण वायु-से-भूमि मोड में टैंक रोधी भूमिका के लिए और वायु-से-वायु मोड में ड्रोन, हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई लक्ष्यों के लिए किए गए हैं। उन्होंने इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक रणनीतिक उपलब्धि बताया।
डीआरडीओ प्रमुख ने टीमों की सराहना की
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष Samir V Kamat ने परीक्षणों से जुड़ी सभी टीमों को इस सराहनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी।
(एएनआई)
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