कोलकाता। दुर्गापुर दुष्कर्म की घटना को लेकर भाजपा की ओर से की जा विरोध की राजनीति को नाकाम करने लिए टीएमसी ने अपराजिता विधेयक का मुद्दा उठाया है।
अपराजिता विधेयक को लेकर गरमाई राजनीति
ममता ने केंद्र पर लगाया मंजूरी नहीं देने का आरोप
कोलकाता। दुर्गापुर दुष्कर्म की घटना को लेकर भाजपा की ओर से की जा विरोध की राजनीति को नाकाम करने लिए टीएमसी ने अपराजिता विधेयक का मुद्दा उठाया है। टीएमसी का सवाल है कि भाजपा की अगुवाई की केंद्र की राजग सरकार विधेयक की मंजूरी कराने की बजाय क्यों लटका कर रखी हुई है। पिछले साल कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कालेज अस्पताल में एक महिला जूनियर डाक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना हुई थी। इस घटना के विरोध में राज्य भर में तीव्र जनांदोलन हुआ था। घटना और जनांदोलन को देखते हुए ममता बनर्जी की सरकार ने विधानसभा की विशेष अधिवेशन करा कर अपराजिता विधेयक लाया और उसे संपूर्ण मत से पारित करा कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया। लेकिन वह विधेयक अभी तक केंद्र सरकार के पास पड़ा हुआ है।
भाजपा ने दुर्गापुर दुष्कर्म घटना के को लेकर ममता बनर्जी और उनकी सरकार के विरोध में छह दिन के लिए प्रदर्शन और धरना कार्यक्रम शुरू किया है। भाजपा ने घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि भाजपा ने अपराजिता विधेयक का समर्थन किया था। इसके बावजूद उसकी केंद्र सरकार विधेयक को मंजूर करा कर राज्य सरकार के पास नहीं भेज रही है। भाजपा किस मुंह से दुर्गापुर दुष्कर्म की घटना को लेकर ममता बनर्जी और उनकी सरकार के विरोध में राजनीति कर रही है?