सुप्रीम कोर्ट के टीएमसी-अनुकूल निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने सावधानी बरतते हुए पश्चिम बंगाल में एसआईआर निगरानी के लिए केंद्र के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कदम
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर किए गए मामले पर टीएमसी के अनुकूल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने फूंक-फूंक कर चलने की रणनीति अख्तियार करते हुए विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक (एसआरओ) के रूप में केंद्र के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक इन विशेष अधिकारियों को उन जिलों में भेजा जाएगा जिन जिलों में एसआईआर को लेकर काफी शिकायतें को लेकर विरोध-प्रदर्शन किए गए हैं। इन विशेष अधिकारी यह देखेंगे कि चुनाव आयोग के जारी निर्देश के मुताबिक एसआईआर के कार्य हो रहे हैं या नहीं। इन्हीं अधिकारियों पर चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक चुनाव अधिकारियों से एसआईआर के कार्य कराने की जिम्मेंदारी भी होगी।
निर्देशों के पालन की होगी जांच
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिल गया प्रसाद को मुर्शिदाबाद जिले में एसआरओ नियुक्त किया गया है। इसी तरह केद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ऊंचे पदों के अधिकारियो को दूसरे-दूसरे जिलों में नियुक्त किया गया है। उन्हें कोलकाता, हुगली, उत्तर चौबीस परगना, नदिया, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्वी मेदिनीपुर, बीरभूम, उत्तर दिनाजपुर ,दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बर्दवान जिलों में नियुक्त किया गया है। चुनाव आयोग ने पहले ही अच्छी-खासी संख्या में सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय अधिकारियों को एसआईआर के कार्यों की निगरानी के लिए नियुक्त कर रखा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा केंद्र सरकार के अधिकारियों को नियुक्त करने पर नाराजगी रही है। उन्होंने कई दफे विभिन्न मौके पर इसका विरोध किया और कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और एसआईआर चल रहा है, उन राज्यों में से पश्चिम बंगाल में ही सबसे अधिक केंद्रीय अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
यह भी पढ़े: लॉजिकल विसंगति के नाम पर वोट न कटे
https://www.primenewsnetwork.in/india/mamata-dms-no-voter-cut-for-logic-gaps/105729