प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

पश्चिम बंगाल में ईसी ने संदिग्ध वोटर सूची जारी

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने लाजिकल डिसक्रिपेंसी वाले वोटरों के नामों की सूची जारी की

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में लाजिकल डिसक्रिपेंसी (तार्किक विसंगति) वाले मतदाताओं की सूची जारी कर दी है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने लाजिकल डिसक्रिपेंसी वाले वोटरों के नामों की सूची जारी की

Election Commission of India |

पंचायत और वार्ड स्तर पर चस्पा होगी सूची

राज्य के जिला चुनाव अधिकारी इस सूची को डाउनलोड करेंगे और पंचायत, प्रखंड कार्यालयों व वार्ड केंद्रों पर टांगेंगे, ताकि वे मतदाता इसे देख सकें जिन्हें लाजिकल डिसक्रिपेंसी की श्रेणी में रखा गया है।

करीब एक करोड़ मतदाता सूची में शामिल

चुनाव आयोग के अनुसार, लाजिकल डिसक्रिपेंसी वाले मतदाताओं की संख्या करीब एक करोड़ है। इन सभी मामलों की सुनवाई दस दिनों के भीतर पूरी की जानी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी नेताओं द्वारा दायर मामले में चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह लाजिकल डिसक्रिपेंसी के तहत हटाए गए वोटरों के नाम और कारण सार्वजनिक करे।

सुनवाई का भी मिला निर्देश

अदालत ने यह भी कहा था कि पंचायत, प्रखंड कार्यालय और वार्ड स्तर पर सूची टांगी जाए और जिन मतदाताओं के नाम इसमें हैं, उनकी सुनवाई की जाए।

टीएमसी की मांग और आयोग का रुख

टीएमसी लंबे समय से चुनाव आयोग से यह मांग करता रहा है, लेकिन आयोग ने पहले ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां उसके पक्ष में आदेश दिया गया।

क्या है लाजिकल डिसक्रिपेंसी?

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, लाजिकल डिसक्रिपेंसी में वे मतदाता शामिल हैं जिनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं है, या जिनके माता-पिता के नाम से मेल नहीं खाता है।

उम्र के अंतर को भी माना गया आधार

इसके अलावा, जिन मतदाताओं की उम्र और उनके माता-पिता की उम्र के बीच 15 साल से कम या 50 साल से अधिक का अंतर है, उन्हें भी लाजिकल डिसक्रिपेंसी की श्रेणी में रखा गया है।

यह भी पढ़े: कांग्रेस, सपा और बसपा पर अमित शाह का हमला..

https://www.primenewsnetwork.in/state/amit-shah-attacks-congress-sp-and-bsp-up-was-made-a-sick-state/111123

Related to this topic: