चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से पूछा है कि राज्य के उन चार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, जिन चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग ने कहा था।
EC ने मुख्य सचिव से चार अधिकारियों पर जवाब मांगा
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से पूछा है कि राज्य के उन चार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, जिन चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग ने कहा था। चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को अपनी रिपोर्ट 24 जनवरी तक देने के लिए भी कहा है। गौरतलब है कि पूर्व मेदिनीपुर के मयना और दक्षिण चौबीस परगना कै बारूईपुर के इआरओ और एइआरओ के खिलाफ वोटर लिस्ट में गैर कानूनी तरीके से वोटर का नाम जोड़ने का अरोप है। चुनाव आयोग ने उन चारों अधिकारियों को खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन चुनाव आयोग के आदेश पर अमल नहीं हुआ। चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारी को उन चारों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज और निलंबित करने के लिए तीन-तीन बार आदेश दिया। चुनाव आयोग ने एक डेटा एंट्री कर्मी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
राज्य सरकार ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिख कर पूछा कि राज्य के चार अधिकारियों को छोटी गलतियों के लिए बड़ी सजा क्यों दी जा रही है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने राज्य सरकार के पत्र को चुनाव आयोग के पास निर्णय के लिए भेज दिया। राज्य के चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर चुनाव आयोग की नाराजगी और बढ़ गई है।
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