प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को एक संगठित गिरोह के खिलाफ देश भर में तलाशी अभियान चलाया।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को एक संगठित गिरोह के खिलाफ देश भर में तलाशी अभियान चलाया। यह गिरोह फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले में शामिल था और कई सरकारी विभागों में फर्जी नियुक्तियों की पेशकश कर नौकरी के इच्छुक लोगों को धोखा दे रहा था।
देश भर में 15 जगहों पर छापेमारी
ये छापे देश भर में 15 जगहों पर सुबह से ही जारी हैं। एजेंसी का पटना जोनल ऑफिस राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर बिहार में तीन, पश्चिम बंगाल में दो, केरल में चार, तमिलनाडु में एक, गुजरात में एक और उत्तर प्रदेश में चार जगहों पर तलाशी अभियान चला रहा है। जिन जगहों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें बिहार के मुजफ्फरपुर में एक, मोतिहारी में दो, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दो, केरल के एर्नाकुलम, पंडालम, अडूर और कोडूर में एक-एक, तमिलनाडु के चेन्नई में एक, गुजरात के राजकोट में एक और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दो, प्रयागराज में एक व लखनऊ में एक स्थान शामिल हैं।
रेलवे से लेकर 40 से अधिक सरकारी विभागों तक फैला घोटाले का जाल
अधिकारियों ने बताया कि यह घोटाला, जिसकी शुरुआत में भारतीय रेलवे के नाम पर पता चला था, बाद में 40 से ज़्यादा सरकारी संगठनों और विभागों में फैल गया, जिनमें वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), भारतीय डाक, आयकर विभाग, उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (PWD), बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), राजस्थान सचिवालय, आदि शामिल हैं।
फर्जी ईमेल और नकली नियुक्ति पत्रों से युवाओं को बनाया शिकार
मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल कर सरकारी डोमेन की नकल करके जाली नियुक्ति और जॉइनिंग लेटर जारी किए। उन्होंने आगे बताया कि, "विश्वास जीतने के लिए, उन्होंने कुछ पीड़ितों को दो से तीन महीने तक शुरुआती सैलरी दी, जिन्हें भारतीय रेलवे में RPF कर्मियों, ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) और टेक्नीशियन जैसी भूमिकाओं में रखा गया था।"
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