पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई में एक ऐसा वाकया सामने आया जो किसी को भी अचरज में डाल सकता है और चुनाव आयोग के कार्यकलापों पर उंगली उठा सकता है।
चुनाव आयोग द्वारा पुरस्कृत बीएलओ को भी सुनवाई की नोटिस
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई में एक ऐसा वाकया सामने आया जो किसी को भी अचरज में डाल सकता है और चुनाव आयोग के कार्यकलापों पर उंगली उठा सकता है। चुनाव आयोग जिस बीएलओ को गणना फार्म के मामले में अव्वल कार्य करने के पुरस्कार प्रदान दिया उसे ही सुनवाई की नोटिस थमा दिया। मिली जनकारी मुताबिक बर्दवान जिले के कटवा के बीएलओ अतियार रहमान को गणना फार्मं से जुड़े मामले में अव्वल कार्य के लिए चुनाव आयोग द्वारा पुरस्कृत हो चुके हैं। जब वोटरों की सुनवाई का दौर शुरू हुआ तो उन्हें और उनकी मां को भी सुनवाई की नोटिस थमा दी गई। अतियार रहमान का कहना है कि उनकी और उनकी मां का नाम 2002 के वोटर लिस्ट में है। उन्होंने अपना और अपनी मां के गणना फार्मं के खुद सत्यापन किया था। उन्हें और उनकी को तार्किक विसंगति के कारण 29 जनवरी को सुनवाई में मौजूद होने के लिए कहा गया है। जानकारों का कहना है कि इसके पहले राज्य के कई जिलों मे बीएलओ को सुनवाई के लिए नोटिस दी गई है। लेकिन अतियार रहमान ऐसे पहला बीएलओ हैं जिन्हे चुनाव आयोग पुरस्कृत कर चुका है।
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