Election Commission : चुनाव आयोग ने हाल ही में एसआईआर के तहत पूर्व नेवी चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश को नोटिस भेजा.
Election Commission : चुनाव आयोग ने हाल ही में एसआईआर के तहत पूर्व नेवी चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश को नोटिस भेजा. इसी पर पूर्व नेवी चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश ने पोस्ट किया, अब चुनाव आयोग ने सोमवार को स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि पिछली एसआईआर से संबंधित अनिवार्य विवरण शामिल नहीं थे.
पू्र्व नेवी चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश ने कहा कि मुझे न तो किसी स्पेशल सुविधा की जरूरत है और न ही मैंने 20 साल पहले रिटायर होने के बाद कभी ऐसी कोई मांग की है. मैंने और मेरी पत्नी ने एसआईआर का फॉर्म भरा था और मैं चुनाव आयोग की वेबसाइट पर गोवा की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम देखकर खुश था. हालांकि हम चुनाव आयोग के नोटिस का पालन करेंगे.
जानें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने क्या कहा?
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने कहा कि बीएलओ एप्लिकेशन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह निर्धारित पहचान विवरण विधिवत भरे जाने पर ही कैलकुलेशन फॉर्म का स्वचालित रूप से मिलान करता है, जिससे मौजूदा वोटर लिस्ट से सत्यापन संभव हो पाता है. कैलकुलेशन फॉर्मों का मिलान नहीं हो पाता है तो एसआईआर प्रक्रिया के तहत सुनवाई तंत्र के माध्यम से आगे सत्यापन अनिवार्य है.
अधिकारी ने बताया कि इन आवश्यक पहचान विवरणों के अभाव में बीएलओ एप्लिकेशन प्रस्तुत गणना प्रपत्र और मौजूदा वोटर लिस्ट डेटाबेस के बीच ऑटोमेटिक कनेक्शन स्थापित करने में असमर्थ था.
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