चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 10वीं यानी माध्यमिक स्कूल की फाइनल परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड को वैध दस्तावेज मानने से इंकार कर दिया है।
वोटरों की नई मुसीबत
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 10वीं यानी माध्यमिक स्कूल की फाइनल परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड को वैध दस्तावेज मानने से इंकार कर दिया है। इस संबंध में आयोग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को आदेश जारी कर दिया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी की अपील खारिज
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग से माध्यमिक परीक्षा के एडमिट कार्ड को मान्यता देने का अनुरोध किया था, लेकिन आयोग ने इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।
पहले मान्य था एडमिट कार्ड
एसआईआर के लिए चुनाव आयोग द्वारा तय 11 मान्य दस्तावेजों की सूची में पहले माध्यमिक परीक्षा का एडमिट कार्ड भी शामिल था। इसी आधार पर कई वोटरों ने दस्तावेज के रूप में एडमिट कार्ड जमा करना शुरू कर दिया था।
बाद में लगा इस्तेमाल पर रोक
बाद में इस पर रोक लगा दी गई और एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा के रिजल्ट को भी देखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
जिला अधिकारियों के साथ हुई बैठक
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने जिला चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक कर माध्यमिक एडमिट कार्ड की वैधता पर चर्चा की। बैठक में यह बात सामने आई कि भले ही कोई छात्र परीक्षा न दे पाया हो, लेकिन एडमिट कार्ड में दर्ज उम्र और पिता का नाम अमान्य नहीं हो सकता।
वोटरों के सामने खड़ी होगी समस्या
चूंकि एसआईआर के दौरान कई वोटर पहले ही माध्यमिक एडमिट कार्ड जमा कर चुके हैं, ऐसे में अब उनके सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।
चुनाव आयोग ने किया इंकार
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माध्यमिक परीक्षा के एडमिट कार्ड को मान्यता देने की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया।
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