कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में कोलकाता और छह जिलों के विधानसभा कि 142 सीटों...
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में कोलकाता और छह जिलों के विधानसभा की 142 सीटों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने बेहिसाब सख्ती और चौकसी बरती है। हर बूथों के चारों ओर सौ मीटर की दूरी पर चिहन् लगा दिए हैं। बूथों के बाहर सीसीटीवी लगाए गए हैं। उसके भीतर चुनाव के अधिकारी और वोटर ही प्रवेश कर सकते है।
बूथों और उसके इलाकों में केंद्रीय बल की करीब ढाई हजार कंपनियों के जवानों को तैनात किया गया है। बूथों में वोटिंग के तमाम अधिकारियों तैनात कर दिए गए है। पहले चरण में तैनात किए गए वोटिंग के अधिकतर अधिकारियों को ही दूसरे चरण के चुनाव में विभिन्न बूथों पर तैनात किया गया है। दूसरे चरण में टीएमसी सुप्रीमो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा व विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी की बीच हो रही जोरआजमाइस पर सबकी नजर है।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने 23 अप्रैल को 16 जिलों के विधानसभा की 152 सीटों पर गुए चुनाव की तुलना में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को कोलकाता, दक्षिण चौबीस परगना, उत्तर चौबीस परगना, हावड़ा, नदिया, हुगली और बर्धमान जिलों के तहत विधानसभा की 142 सीटों पर होने वाले चुनाव को ज्यादा जोखिम और चुनौतीपूर्ण माना है। सूत्रों का कहना कि पहले चरण की तुलना में दूसरे चरण में ज्यादा केंद्रीय बलों, अबजर्बरों, पुलिस अबजर्बरों को तैनात किया ही है, ज्यादा सख्ती और चौकसी भी जोर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि पहले चरण के चुनाव के बाद से जिन जिलों मे दूसरे चरण में चुनाव हो रहे है, उन जिलों में टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, बम और अवैध हथियारों की प्राप्ति, हिंसा की घटनाएं ज्यादा हुई हैं। पिछले 36 घंटे में एक हजार 543 अपराध में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उसमे टीएमसी के काउंसिलर भी है। उत्तर चौबीस परगना, दक्षिण चौबीस परगना, पूर्व बर्धमान और उत्तर कोलकाता में सबसे अधिक गिरफ्तारी हुई है। दूसरे चरण में कोलकाता और छह जिलों के विधानसभा की 142 सीटों पर कुल एक हजार 448 उम्मीदवार जोरआजमाइस कर रहे हैं। तीन करोड़ 21 लाख 73 हजार से ज्यादा वोटर 41 हजार एक बूथ पर अपना वोट देंगे। चुनाव आयोग ने मंगलवार को तड़के विचाराधीन वोटरों की दूसरी सप्लीमेंटरी लिस्ट जारी कर दी है।
चुनाव आयोग के निर्देश के मद्देनजर दूसरे चरण में जिन जिलों में चुनाव हो रहे हैं, उन जिलों से सटे इस राज्य के जिलों को जोड़नेवाली सभी सड़कों, रास्तों पर कड़े पहरे और वाहनों व लोगों की चेकिंग की जा रही है। ओडिशा की सीमा पर चौकसी और चेकिंग बढ़ा दी गई है। बांग्लादेश की सीमा पर निगरानी तेज कर दी गई है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी का कहना है कि चुनाव आयोग चाहता है कि पहले चरण की तुलना में दूसरे चरण के चुनाव में ज्यादा वोटिंग हो। उसके लिए ज्यादा वोटिंग कराना प्रतिष्ठा का सवाल है।
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