वाशिंगटन। अमेरिकी वित्तमंत्री स्काट बेसेंट यूरोपीय देशों की इस बात के लिए आलोचना की कि वह रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध को जिस रूप में ले रहा है उससे उनकी ही रणनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है।
अमेरिकी वित्तमंत्री ने कहा भारत से तैयार ईंधन खरीद कर रूस की फंडिंग कर रहे
अमेरिकी वित्तमंत्री स्काट बेसेंट यूरोपीय देशों की इस बात के लिए आलोचना की कि वह रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध को जिस रूप में ले रहा है उससे उनकी ही रणनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है। उनकी इस तरह की व्यापार नीति से अप्रत्यक्ष रूप से रूस को ही लाभ पहुंच रहा है। 'सीएनबीसी' के साथ भेंटवार्ता में बेसेंट ने कहा-'यूरोपीय देश ईंधन उत्पाद भारत से खरीद रहे हैं जो रूस से आयातीत कच्चे तेल के शोधन से तैयार होता है। इस प्रकार रूसी तेल को फिर घूमकर यूरोप में आने की अनुमति दी जा रही है।' उन्होंने इसे यूरोप द्वारा खुद अपने खिलाफ युद्ध के लिए खुद धन दे रहा है। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार यूरोपीय संघ और भारत के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते के पूरा होने के ठीक एक दिन बाद अमेरिका का यह बयान आया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य आपसी व्यापार को बढ़ाना और अमेरिका पर यूरोप की निर्भरता को कम करना है। इस डील के तहत 96.6 प्रतिशत व्यापारिक सामानों पर आयात शुल्क या तो खत्म कर दिया जाएगा या काफी कम होगा। जानकारों का मानना है कि इस कदम से 2032 तक भारत को होने वाला यूरोपीय निर्यात दोगुना हो जाएगा। इससे यूरोपीय कंपनियों को करीब चार अरब यूरो की बड़ी बचत होने की उम्मीद है।
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