तेल विशेषज्ञों ने कहा है कि E20 ईंधन भविष्य का ईंधन है और इससे जुड़े माइलेज व इंजन नुकसान जैसी भ्रांतियाँ गलत हैं।
मुंबई,(महाराष्ट्र)। देश में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के उपयोग को लेकर चल रही बहस के बीच ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इसे “भविष्य का ईंधन” बताते हुए इससे जुड़ी कई आम भ्रांतियों को खारिज किया है।
किए गए परीक्षणों में E20 का प्रभाव नगण्य
विशेषज्ञों ने कहा, कि माइलेज में 10% तक गिरावट की शिकायतें वास्तविक परिस्थितियों और ड्राइविंग पैटर्न से जुड़ी हो सकती हैं, न कि सीधे ईंधन के कारण। उनके अनुसार, बड़े पैमाने पर किए गए परीक्षणों में E20 का प्रभाव नगण्य पाया गया है।
बीमा पॉलिसियों की वैधता पर कोई असर नहीं
पुराने वाहनों को लेकर उठी चिंताओं पर उन्होंने स्पष्ट किया, कि 2023 से पहले बने कुछ इंजनों में मामूली तकनीकी बदलाव की जरूरत हो सकती है, जैसे रबर कंपोनेंट्स का समय से पहले बदलना, लेकिन यह बड़ा मुद्दा नहीं है। बीमा कवरेज को लेकर फैल रही अफवाहों को भी विशेषज्ञों ने खारिज करते हुए कहा, कि E20 उपयोग करने पर बीमा पॉलिसियों की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता।
देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है यह नीति
पर्यावरणीय प्रभावों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, कि इथेनॉल उत्पादन में पानी की खपत को लेकर जो बड़े आंकड़े बताए जाते हैं, वे सही संदर्भ में नहीं देखे जा रहे हैं। क्योंकि आधुनिक डिस्टिलरी में जल पुनर्चक्रण और शून्य अपशिष्ट प्रणाली अपनाई जा रही है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा, कि यह नीति देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत संभव है। साथ ही, इसका सीधा लाभ घरेलू किसानों को भी मिल रहा है। (ANI)
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