भारतीय रुपये की कमजोरी और हाई वैल्यूएशन के कारण विदेशी निवेशक अब भारत के बजाय सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
मुंबई। भारतीय रुपये की कमजोरी और हाई वैल्यूएशन के कारण विदेशी निवेशक अब भारत के बजाय सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में लोग इक्विटी में निवेश के बजाय सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेशक की तरफ भाग रहे हैं। मंगलवार को सोना 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी के भाव भी 3 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गया है।
नए लेबर कोड के कारण टेक और आईटी कंपनियों के प्रॉफिट पर दबाव
घरेलू मोर्चे पर भी स्थितियां बहुत अच्छी नहीं है। नए लेबर कोड की वजह से टेक और आईटी कंपनियों के प्रॉफिट पर एकमुश्त वित्तीय प्रभाव पड़ा है, जिससे निवेशकों को कोई बड़ा 'पॉजिटिव संकेत नहीं मिल रहा है। तमाम कंपनियों के मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के परिणाम अब तक मिले जुले रहे हैं।
1 फरवरी को पेश होगा यूनियन बजट 2026
निवेशकों की निगाहें रविवार, 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026 पर टिकी हुई हैं। निवेशकों को डर है कि सरकार फिस्कल डेफिसिट कम करने के लिए सरकारी खर्चों में कटौती ना कर दे। यह स्थिति आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था की चिंता का सबब बन सकते हैं।
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