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राहुल गांधी मॉक संसद में ही बन सकते हैं PM, असली संसद में मोदी ही रहेंगे: हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह केवल मॉक संसद में प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जबकि असली संसद में नरेंद्र मोदी ही पीएम रहेंगे।

राहुल गांधी मॉक संसद में ही बन सकते हैं pm असली संसद में मोदी ही रहेंगे हिमंत बिस्वा सरमा

Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma |

गुवाहाटी (असम)। विपक्षी गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए गए प्रतीकात्मक महाभियोग को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जोरदार हमला बोला है। सरमा ने कहा कि राहुल गांधी केवल मॉक संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जबकि देश की वास्तविक संसद में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष के प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ निकाली गई रैली पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन वे अपने मकसद में पूरी तरह नाकाम रहे।

'मॉक संसद में राहुल, असली संसद में मोदी PM'

सरमा ने तंज कसते हुए कहा, "सोनिया जी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती थीं और इसके लिए कई प्रयास किए गए। लेकिन जब कोई भी प्रयास सफल नहीं हुआ, तो उन्होंने खड़ेगे जी के आवास के लॉन में एक मॉक संसद आयोजित की, जहां वे (राहुल गांधी) प्रधानमंत्री बने। हकीकत यह है कि मॉक संसद में राहुल गांधी प्रधानमंत्री होंगे और संसद में मोदी जी ही प्रधानमंत्री रहेंगे।"

असम के मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर भाजपा और 'इंडिया' गठबंधन के बीच जारी सियासी टकराव के दौरान आई है। इससे पहले शनिवार को विपक्षी गठबंधन ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार की अध्यक्षता में मॉक संसद में सीईसी के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया था।

CEC के मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने

इस कार्यक्रम के बाद दोनों पक्षों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चेतावनी दी थी कि विपक्ष सीईसी को "बचकर निकलने" नहीं देगा। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया को "मेलोड्रामा" बताते हुए खारिज कर दिया और देश के शीर्ष संवैधानिक पदों को मिले संवैधानिक संरक्षण का बचाव किया।

इसके बाद रविवार को विपक्षी दलों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली की, जिसमें राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हुए। उधर, मुख्यमंत्री सरमा ने शिमला में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए राहुल गांधी पर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया।
(इनपुट: ANI)

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