संयुक्त राष्ट्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव, वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और उर्वरक आपूर्ति में व्यवधान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव, वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और उर्वरक आपूर्ति में व्यवधान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि यह जलमार्ग बंद होने से वैश्विक मानवीय संकट उत्पन्न हो सकता है और लाखों लोग भुखमरी और अकाल की ओर धकेल दिए जा सकते हैं।
समुद्री मार्ग पर बढ़ता तनाव
संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उर्वरक आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, जिससे वैश्विक मानवीय संकट उत्पन्न हो सकता है और लाखों लोग भुखमरी और अकाल की ओर धकेल दिए जा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और खाद्य आपूर्ति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप और समुद्री मार्ग को खोलने का आह्वान किया है।
कच्चे माल की कीमतों में उछाल
संयुक्त राष्ट्र के कार्यकारी निदेशक जॉर्ज मोरेरा दा सिल्वा ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और समुद्री मार्गों पर प्रतिबंध पहले से ही वैश्विक खाद्य प्रणालियों पर दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखलाओं को बहाल करने और संकट को और बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप का आह्वान किया।
उर्वरक संकट गहराने की आशंका
उर्वरकों की लागत और आपूर्ति को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर लगातार अवरोध के कारण उर्वरकों की लागत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे आयात पर निर्भर देशों में कृषि उत्पादन खतरे में है। संगठन ने चेतावनी दी कि उर्वरकों की उपलब्धता में कमी से फसलों की पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है, विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों में जो पहले से ही खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
वैश्विक खाद्य उत्पादन पर असर
संकट व रसद संबंधी मुद्दों को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि यह एक अधिक व्यापक समस्या है। वैश्विक खाद्य उत्पादन और कीमतों पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेंगे। एजेंसी ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री आवागमन को स्थिर करने और आवश्यक कृषि इनपुट की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल राजनयिक प्रयासों की आवश्यकता है।
जहाजों पर कार्रवाई की आलोचना
संयुक्त राष्ट्र के साथ ही इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग ने वाणिज्यिक जहाजों पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए अमेरिका और ईरान की जहाजों पर कब्ज़ा करने की कड़ी आलोचना की और हिरासत में लिए गए चालक दल के सदस्यों की तत्काल रिहाई की मांग की। समुद्री निदेशक जॉन स्टावपर्ट ने "अल जज़ीरा" को बताया कि नाविकों को "स्वतंत्र रूप से और बिना किसी उत्पीड़न के" काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल
इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग ने इन घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और नौवहन की स्वतंत्रता पर हमला बताया और वाणिज्यिक जहाजों का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी। विश्व के अधिकांश व्यापारिक जहाजों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से वैश्विक व्यापार मार्गों में और अधिक अस्थिरता पैदा होने का खतरा है।
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