केंद्र सरकार ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल टनल परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह सुरंग ट्रेन और अन्य वाहनों—दोनों के लिए होगी।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल टनल परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह सुरंग ट्रेन और अन्य वाहनों—दोनों के लिए होगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹18,662 करोड़ बताई गई है।
देश की पहली औऱ दुनिया की दूसरी
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी मिली। यह भारत की पहली और दुनिया की दूसरी अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल परियोजना होगी।
छह घंटे अभी लगते हैं, बनने पर 20 मिनट लगेंगे
वर्तमान में जिस दूरी को तय करने में लगभग 6 घंटे लगते हैं, वह घटकर करीब 20 मिनट रह जाएगी। असम और उत्तर-पूर्व के राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। आपातकालीन सेवाओं और रक्षा मूवमेंट में भी तेजी आएगी।
परियोजना की खासियत
नदी के नीचे अत्याधुनिक तकनीक से सुरंग का निर्माण होगा।फोर-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से कनेक्टिविटी की शुरूआत होगी। रेल और सड़क—दोनों यातायात एक साथ संचालित होंगे। यह परियोजना उत्तर-पूर्व भारत के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
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