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कतर के पूर्व अमीर को भारत की श्रद्धांजलि

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक

India Declares One-Day National Mourning After Death of Former Qatar Emir Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani |

नई दिल्ली,(भारत)। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक दिवस के दौरान देशभर में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहां नियमित रूप से ध्वज फहराया जाता है। साथ ही, इस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन या समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।

निधन पर सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय शोक घोषित

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने कतर के शेख हमद बिन खलीफा के निधन पर सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से व्यक्त शोक संदेशों का भी उल्लेख किया।

कतर ने विकास और समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को एक दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कतर के अमीरी दीवान ने दी निधन की जानकारी

भारत सरकार की ओर से शोक संदेश देने के लिए किरेन रिजिजू जल्द ही कतर की यात्रा करेंगे। कतर के अमीरी दीवान ने रविवार को शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन की जानकारी दी। 74 वर्षीय शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में शासन किया था।

कतर ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की

उनके शासनकाल को कतर के आर्थिक और सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण दौर के रूप में देखा जाता है। उनके नेतृत्व में कतर ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनके कार्यकाल के दौरान 2004 में कतर का पहला स्थायी संविधान लागू हुआ और नगरपालिका चुनावों की शुरुआत हुई, जिसमें महिलाओं को मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार भी दिया गया। (एएनआई)

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