भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) को लेकर कार्पोरेट क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। मूडीज रेटिंग्स ने कहा है कि यह समझौता भारत के लिए सकारात्मक साबित होगा
कम टैरिफ से निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
मूडीज के अनुसार, कम टैरिफ और बेहतर बाजार पहुंच से विदेशी निवेश आकर्षित होगा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और रोजगारपरक क्षेत्रों की निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार
भारत और ईयू ने बुधवार को एफटीए पर बातचीत पूरी होने का एलान किया था। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया गया है। इसके तहत भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को 27 देशों वाले इस ब्लॉक में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
लक्जरी कार और वाइन होंगे सस्ते
समझौते के बाद यूरोपीय यूनियन से लक्जरी कारों और वाइन का आयात सस्ता होगा। लगभग दो दशकों तक चली बातचीत के बाद यह एग्रीमेंट पूरा हुआ है।
दो अरब लोगों का विशाल बाजार
इस समझौते से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत और दूसरे सबसे बड़े आर्थिक ब्लॉक ईयू को मिलाकर करीब दो अरब लोगों का विशाल बाजार तैयार होगा।
व्यापारिक संबंधों में विविधता की दिशा में कदम
मूडीज रेटिंग्स ने कहा है कि ईयू के साथ एफटीए भारत की व्यापारिक साझेदारियों में विविधता लाने की रणनीति को दर्शाता है। इस साल इस समझौते पर हस्ताक्षर और इसके लागू होने की उम्मीद है।
ईयू आयात पर कम शुल्क से लागत घटेगी
मूडीज के अनुसार, ईयू आयात पर कम टैरिफ से उत्पादन लागत कम होगी। इससे यूरोपीय कार निर्माता दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार बाजार भारत में ज्यादा प्रीमियम मॉडल उतार सकेंगे।
भारत का 22वां एफटीए साझेदार बनेगा ईयू
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद यूरोपीय संघ भारत का 22वां एफटीए भागीदार होगा। भारत-ईयू एफटीए अब भाषा के अंतिम रूप, विधिक परिशोधन और अनुवाद की प्रक्रिया से गुजरेगा।
27 देशों और यूरोपीय संसद से मंजूरी जरूरी
इसके बाद 27 यूरोपीय संघ सदस्य देशों और यूरोपीय संसद से अनुमोदन लिया जाएगा, जिसमें कुछ महीने लग सकते हैं। अंतिम हस्ताक्षर के बाद यह समझौता आर्थिक संबंधों में परिवर्तनकारी कदम साबित होगा।
श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बड़ा फायदा
एफटीए से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न-आभूषण, खिलौने और खेल सामग्री जैसे रोजगार सृजन वाले सेक्टर प्रमुख होंगे।
33 अरब डॉलर के निर्यात को मिलेगा फायदा
इन उत्पादों पर वर्तमान में ईयू में 4 से 26 प्रतिशत तक शुल्क लगता है। एफटीए के बाद ये शून्य शुल्क पर ईयू बाजार में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे करीब 33 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात को लाभ मिलने की संभावना है।
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