करीब दो दशक के इंतज़ार के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति बन गई है।
नई दिल्ली। करीब दो दशक के इंतज़ार के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति बन गई है। राजधानी दिल्ली में आयोजित भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान इस ऐतिहासिक समझौते की आधिकारिक घोषणा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन ने मंगलवार, 27 जनवरी को हैदराबाद हाउस में हुई बैठक के बाद इसकी जानकारी दी।
अमेरिका के साथ बदलते रिश्तों के बीच अहम समझौता
यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और EU, दोनों ही अमेरिका के साथ बदलते व्यापारिक समीकरणों के बीच अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित करने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि भारत-EU FTA पर बातचीत की शुरुआत 2007 में हुई थी, लेकिन टैरिफ, मानकों और बाजार में प्रवेश जैसे मुद्दों पर मतभेदों के कारण 2013 में यह प्रक्रिया ठप पड़ गई थी। बाद में 2022 में भू-राजनीतिक दबावों और सप्लाई चेन की चुनौतियों को देखते हुए दोनों पक्षों ने बातचीत फिर से शुरू की।
1.4 अरब भारतीयों के लिए नए अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के 1.4 अरब नागरिकों के साथ-साथ यूरोप में रहने वाले लाखों लोगों के लिए भी नए अवसरों के दरवाज़े खोलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानूनी समीक्षा पूरी होने के बाद इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसमें करीब पांच से छह महीने का समय लग सकता है।
EU 99.5 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर खत्म करेगा टैरिफ
भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय संघ अगले सात वर्षों में भारत से आयात होने वाले 99.5 फीसदी उत्पादों पर टैरिफ घटाकर शून्य कर देगा। इसमें समुद्री उत्पाद, चमड़ा और कपड़ा, केमिकल्स, रबर, बेस मेटल्स के साथ-साथ जेम्स और ज्वेलरी जैसे अहम सेक्टर शामिल हैं।
भारत भी खोलेगा अपना अब तक संरक्षित बाजार
इस समझौते के तहत भारत भी अपने बड़े और अब तक सख्ती से संरक्षित बाजार को धीरे-धीरे खोलेगा। EU के बयान के मुताबिक, भारत कारों पर लगने वाले टैरिफ को पांच वर्षों में 110 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करेगा। वहीं, वाइन पर टैरिफ 150 फीसदी से घटाकर पहले 75 फीसदी और बाद में चरणबद्ध तरीके से 20 फीसदी तक लाया जाएगा। स्पिरिट्स पर टैरिफ को घटाकर 40 फीसदी किया जाएगा।
इन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा
इस FTA से टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद और IT सेवाओं जैसे भारतीय सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। EU में कम टैरिफ और आसान नियमों से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा सीधे तौर पर मजबूत होगी। वहीं यूरोप के लिए ऑटोमोबाइल्स, लग्ज़री गुड्स, मशीनरी, केमिकल्स और क्लीन-टेक सेक्टर को भारत जैसे तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
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