प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और फिनलैंड सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। इसके साथ ही दोनों देश डिजीटलीकरण और दीर्घकालिकता पर फोकस कर अपने संबंधों को बढ़ाएंगे।
भारत-फिनलैंड महत्वपूर्ण क्षेत्रों मे सहयोग बढ़ाएंगे
फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ मोदी की वार्ता
एआई से लेकर 6जी टेलीकॉम तक और क्लीन एनर्जी से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक सहयोग बढ़ाएंगे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और फिनलैंड सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि दोनों देश डिजीटलीकरण और दीर्घकालिकता पर फोकस कर अपने संबंधों को बढ़ाएंगे।
फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब के साथ साझा प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मोदी ने उल्लेख किया कि दोनों देश प्रौद्योगिकी, अवस्थापना और नवोन्मेष के क्षेत्र में काफी समय से सहयोग कर रहे हैं।
यह समझौता व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत करेगा।
इसके पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत और फिनलैंड की साझेदारी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और प्रबल करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब का स्वागत करता हूं। आप जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष के रायसीना डायलॉग का मुख्य अतिथि बनना सम्मान और खुशी की बात है। यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं।
मोदी ने कहा, "हमारा बढ़ता सहयोग विकास और साझा समृद्धि को नई उपलब्धि दे रहा है। 2026 की शुरुआत में ऐतिहासिक एफटीए समझौता हुआ। यह भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और प्रबल करेगा। डिजिटल तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनिबिलिटी जैसे क्षेत्रों में दोनों देश महत्वपूर्ण साझेदार हैं। नोकिया के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ा है। फिनलैंड के आर्किटेक्ट के सहयोग से हमने चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाया है। फिनलैंड की साझेदारी से असम के नुमालीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (एबीईपीएल) रिफाइनरी बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण उदाहरणों से प्रेरित होते हुए राष्ट्रपति स्टब की इस यात्रा में हम भारत-फिनलैंड संबंधों को एक रणनीतिक पार्टनरशिप को एक डिजिटलीकरण और स्थिरता का रूप दे रहे हैं। यह साझेदारी, एआई से लेकर 6जी टेलीकॉम तक और क्लीन एनर्जी से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक, कई हाईटेक क्षेत्रों में हमारे सहयोग को गति और ऊर्जा देगी। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ती हुई वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थाओं का रिफॉर्म आवश्यक ही नहीं, अर्जेंट भी है और आतंकवाद के हर रूप को जड़ से समाप्त करना हमारी साझी प्रतिबद्धता है।
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