CBRE की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में तेजी आ रही है। साल 2035 तक देश को 1.9 से 2.1 लाख अतिरिक्त होटल कमरों की जरूरत होगी।
नई दिल्ली। भारत में टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल की बढ़ती रफ्तार के बीच हॉस्पिटैलिटी सेक्टर बड़े उछाल की तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय संपत्ति सलाहकार कंपनी सीबीआरई (CBRE) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू पर्यटन और प्रीमियम एक्सपीरिएंस की मजबूत मांग को पूरा करने के लिए साल 2035 तक देश भर में लगभग 1.9 लाख से 2.1 लाख अतिरिक्त होटल कमरों की जरूरत होगी। इसके लिए करीब 120 से 125 मिलियन वर्ग फुट नए हॉस्पिटैलिटी रियल एस्टेट की आवश्यकता पड़ेगी।
देश का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अब महामारी के बाद के रिकवरी दौर से आगे निकल चुका है। रिपोर्ट बताती है कि बढ़ती इनकम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों की बदलती ट्रैवल प्रायोरिटीज के चलते यह सेक्टर मजबूत ग्रोथ फेज में एंट्री कर चुका है। कॉर्पोरेट, लेजर, स्पिरिचुअल और एक्सपीरियंस-बेस्ड टूरिज्म की मांग तेजी से बढ़ रही है।
ऑक्यूपेंसी और RevPAR में उछाल
मौजूदा समय में भारत के ऑर्गेनाइज्ड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करीब 4.5 लाख कमरे हैं। साल 2025 के आखिर तक देश में कुल होटल ऑक्यूपेंसी लगभग 64% तक पहुंच गई। इसके अलावा, होटल के परफॉर्मेंस का पैमाना माना जाने वाला 'रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम' (RevPAR) 2025 में करीब 11% बढ़कर लगभग 5,500 रुपये पर पहुंच गया है।
किस सेगमेंट में कितनी मांग?
सीबीआरई के अनुसार, कमरों की यह अतिरिक्त जरूरत अलग-अलग कैटेगरी में होगी।
- अपस्केल सेगमेंट: करीब 43,000 अतिरिक्त कमरे।
- मिडस्केल होटल: लगभग 42,000 कमरे।
- लग्जरी होटल: लगभग 29,000 कमरे।
छोटे अवकाश स्थलों और सांस्कृतिक महत्व की जगहों पर भी निवेशकों और ऑपरेटरों का फोकस बढ़ रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और वेलनेस टूरिज्म के कारण इन उभरते मार्केट्स में नई संभावनाएं बन रही हैं।
निवेश और नए बिजनेस मॉडल
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में फंडिंग भी तेजी से आ रही है। सीबीआरई के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 से 2026 की पहली छमाही के बीच इस सेक्टर में करीब 90.5 करोड़ डॉलर (905 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का रियल एस्टेट निवेश आया है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि होटल ऑपरेटर अब कम पूंजी में विस्तार के लिए मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट और फ्रेंचाइजी पार्टनरशिप का सहारा ले रहे हैं। वहीं, निवेशकों का रुझान बड़े प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक ज्वाइंट वेंचर्स की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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