राजस्थान के झालावाड़ में हत्या की साजिश से जुड़े गोपनीय इनपुट की जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग के कथित सौदे, जबरन बाल विवाह और प्रताड़ना के मामले का खुलासा किया है।
झालावाड़: हत्या की साजिश से जुड़े एक गोपनीय इनपुट की जांच के दौरान झालावाड़ पुलिस ने नाबालिग की कथित खरीद-फरोख्त, जबरन बाल विवाह और प्रताड़ना के गंभीर मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय किशोरी का चार लाख रुपये में सौदा कर उससे करीब दोगुनी उम्र के व्यक्ति से विवाह कराया गया था। इस मामले में किशोरी के पिता, मामा और कथित पति को गिरफ्तार किया गया है।
हत्या की साजिश के डिजिटल साक्ष्य मिले
नाबालिग का 4 लाख रुपये में विवाह कराने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर को एसपी कार्यालय में हत्या करवाने की बातचीत से संबंधित डिजिटल साक्ष्य और सोशल मीडिया चैट की जानकारी मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्वयं प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी और जमीनी सूचना के आधार पर 16 अक्टूबर को युवती को दस्तयाब कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया और न्यायालय में उसके बयान दर्ज करवाए गए। जांच के अनुसार, जून 2025 में विवाह के समय किशोरी की उम्र करीब 17 वर्ष 8 माह थी। आरोप है कि उसकी इच्छा के खिलाफ चार लाख रुपये का लेन-देन कर विवाह कराया गया। नाबालिग होने के कारण विवाह को कथित तौर पर गुप्त रखा गया था।
मामा समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, विवाह के बाद प्रताड़ना से परेशान होकर किशोरी करीब 20 दिन बाद घर से निकल गई थी। बाद में उसे दस्तयाब कर बालिग होने तक बालिका गृह में रखा गया। जांच में एक नोटरी स्टाम्प सामने आया है, जिसमें युवती के दोबारा घर छोड़ने पर उसके पिता द्वारा चार लाख रुपये देने सहित उसके आने-जाने और फोन रखने पर पाबंदियों जैसी शर्तों के बारे में बताया गया है। पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी, नाबालिग के शोषण, विवाह के लिए मजबूर करने और बाल विवाह से संबंधित प्रावधान जोड़े हैं। किशोरी के पिता, कथित मध्यस्थ मामा और चार लाख रुपये देकर विवाह करने के आरोपी कथित पति को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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