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पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोपों को खारिज किया

पाकिस्तान के आरोपों पर भारत का पलटवार, कहा— आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी विश्वसनीयता शून्य

भारत ने गुरुवार को अफगानिस्तान के साथ झड़पों को बढ़ाने के पाकिस्तान के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और पाकिस्तान पर अपनी गलतियों के लिए दूसरों को दोष देने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान के आरोपों पर भारत का पलटवार कहा— आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी विश्वसनीयता शून्य

India Rejects Pakistan’s Claims on Afghanistan Tensions |

नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को अफगानिस्तान के साथ झड़पों को बढ़ाने के पाकिस्तान के आरोपों को "निराधार" बताते हुए खारिज कर दिया और पाकिस्तान पर अपनी गलतियों के लिए दूसरों को दोष देने का आरोप लगाया। साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तानी दावों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद का पाकिस्तान का इतिहास उसकी विश्वसनीयता को खत्म करता है।

आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की साख खत्म

उन्होंने कहा कि, "हम पाकिस्तान द्वारा लगाए गए ऐसे निराधार आरोपों को खारिज करते हैं और अपनी गलतियों के लिए भारत को दोष देना पाकिस्तान की आदत बन गई है। दशकों तक आतंकवाद का प्रायोजक देश रहने के नाते, सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की साख खत्म हो चुकी है। कोई भी कहानी इस सच्चाई को नहीं बदल सकती और न ही कोई पाकिस्तान के पीड़ित होने के दिखावे से गुमराह होने वाला है।"

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने फरवरी में डूरंड रेखा के पास हवाई हमले किए और एक-दूसरे पर हताहतों के दावे किए। दोनों देशों की साझा सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और अन्य शहरों पर हवाई हमले किए। 27 फरवरी को पाकिस्तान ने काबुल व अन्य अफगान शहरों को निशाना बनाकर हवाई हमले शुरू किए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे "खुली जंग" घोषित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के "सब्र का बांध टूट चुका है।" उन्होंने तालिबान पर वैश्विक आतंकवादियों को पनाह देने और उग्रवाद फैलाने का आरोप लगाया।

डूरंड रेखा विवाद और टीटीपी से बढ़ती खींचतान

अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि 26 फरवरी को डूरंड रेखा पर जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। डूरंड रेखा विवाद और 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे अक्सर झड़पों की खबरें आती रहती हैं। विशेष रूप से, पाकिस्तान चाहता है कि तालिबान टीटीपी जैसे सशस्त्र समूहों पर लगाम लगाए, जिनके बारे में उसका कहना है कि अफगानिस्तान उन्हें शरण दे रहा है। टीटीपी 2007 में पाकिस्तान में उभरा था और यह अफगानिस्तान के तालिबान से अलग है, लेकिन अल जज़ीरा के अनुसार उनके बीच गहरे वैचारिक, सामाजिक और भाषाई संबंध हैं।

भारत ने की हवाई हमलों की निंदा

भारत के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की धरती पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें पवित्र रमजान महीने के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक मारे गए हैं। यह पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक विफलताओं को बाहर थोपने का एक और प्रयास है। भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए अपने समर्थन को फिर से दोहराता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अपने प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के माध्यम से एक बयान जारी कर दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है।

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