ICMR के मुताबिक भारत में टेस्ट किए गए Influenza A के 97-98% मामलों में H1N1 पाया जा रहा है। वहीं COVID-19 मामलों में कमी दर्ज हो रही है।
नई दिल्ली (भारत)। भारत में इन्फ्लूएंजा A के मामलों में H1N1 का असर तेजी से बढ़ रहा है। ICMR (INDIAN COUNCIL OF MEDICAL RESEARCH) के डायरेक्टर-जनरल राजीव बहल के मुताबिक, देश में टेस्ट किए गए इन्फ्लूएंजा A के करीब 97 से 98 फीसदी मामलों में H1N1 स्ट्रेन पाया जा रहा है। वहीं, कोविड-19 के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसमी इन्फ्लूएंजा के ज्यादातर मामले सामान्य देखभाल और पर्याप्त आराम से ठीक हो जाते हैं।
वायरल आउटब्रेक पर नजर रखने के लिए देशव्यापी निगरानी नेटवर्क
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहल ने बताया कि भारत ने वायरल आउटब्रेक (वायरस के फैलने) पर नजर रखने के लिए पूरे देश में कई स्तरों वाला, रियल-टाइम बीमारी निगरानी नेटवर्क बनाया है। यह निगरानी इंफ्रास्ट्रक्चर इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के जरिए राज्य-स्तर के डेटा को जोड़ता है। इसके साथ ही, ICMR सीधे अस्पतालों में सैंपल लेकर H1N1 इन्फ्लूएंजा जैसे बढ़ते रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन की तुरंत पहचान करता है और बीमारी फैलने पर तुरंत कार्रवाई शुरू करता है।
कोविड के बाद वायरस की रियल-टाइम निगरानी क्षमता मजबूत
उन्होंने कहा, "सबसे पहली बात यह है कि हमें कैसे पता चले कि कौन से वायरस फैल रहे हैं? भारत ने, खासकर कोविड के बाद, किसी भी समय और रियल-टाइम में यह पता लगाने की अपनी क्षमता को काफी बेहतर किया है कि देश में क्या हो रहा है। हम कई स्तरों पर निगरानी करते हैं। पहला, IHIP और NCDC निगरानी के जरिए, जहाँ सभी राज्यों से जानकारी मिलती है कि क्या हो रहा है और कौन से इन्फेक्शन फैल रहे हैं।
73 लैब और अस्पतालों में सेंटिनल सर्विलांस
इस तरह हमें इन सबके बारे में पता चल जाता है। उनकी लैब से आने वाली रिपोर्ट भी हमें मिलती हैं। इसके अलावा, हर सिंड्रोम (बीमारी के लक्षणों के समूह), जैसे कि यह रेस्पिरेटरी वायरस, के लिए हमने ICMR के ज़रिए पूरे भारत में 73 लैब या 73 अस्पतालों में सेंटिनल सर्विलांस (निगरानी प्रणाली) स्थापित की है। यह NCDC की निगरानी प्रणाली के ऊपर एक और स्तर है।"
H1N1 के मामलों में भारी उछाल, कोविड में लगातार कमी
बहल ने यह भी बताया कि रियल-टाइम देशव्यापी निगरानी से पता चलता है कि अन्य रेस्पिरेटरी स्ट्रेन की तुलना में H1N1 इन्फेक्शन के मामलों में भारी उछाल आया है, जबकि कोविड-19 के मामलों में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा "अभी रेस्पिरेटरी सर्विलांस से पता चलता है कि H1N1 (जो इन्फ्लूएंजा A है) काफी फैला हुआ है। इन्फ्लूएंजा A और इन्फ्लूएंजा B दोनों ही इंसानों में होते हैं। इन्फ्लूएंजा A में सबसे ज्यादा H1N1 पाया जा रहा है, जो लगभग 97 से 98 प्रतिशत है, जबकि H3N2 सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत है।
इसके अलावा, इन्फ्लूएंजा B (विक्टोरिया लीनिएज वाला) भी कुछ हद तक फैल रहा है। इसके दो लीनिएज होते हैं, लेकिन आजकल सिर्फ एक ही फैल रहा है, हालांकि यह मुख्य रूप से नहीं फैल रहा है। H1N1 ही सबसे ज्यादा फैला हुआ है। तीसरी बात, SARS-CoV-2 (COVID-19) के मामले पहले थोड़े ज्यादा थे, लेकिन अब उनमें कमी आ रही है।"
मौसमी इन्फ्लूएंजा ज्यादातर मामलों में अपने आप ठीक
ICMR ने अपने बयान में कहा कि H1N1 समेत मौसमी इन्फ्लूएंजा "ज्यादातर अपने आप ठीक हो जाता है"। इसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं, और ज्यादातर लोग सही देखभाल और पर्याप्त आराम से ठीक हो जाते हैं। (Source: ANI)
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