भारत में बेरोजगारी दर में पिछले महीने मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की बेरोजगारी दर दिसंबर महीने में मामूली रूप से बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई।
PLFS के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं
भारत में बेरोजगारी दर में पिछले महीने मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की बेरोजगारी दर दिसंबर महीने में मामूली रूप से बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। नवंबर माह में यह 4.7 प्रतिशत थी। केन्द्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी दिसंबर 2025 के पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बेरोजगारी दर मामूली बढ़कर 4.8% हो गई है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिर, शहरों में बढ़ी बेरोजगारी
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि शहरी महिलाओं में यह 9.3 प्रतिशत से घटकर 9.1 प्रतिशत पर आ गई।
वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो में हल्का सुधार
दिसंबर महीने में देश के कुल श्रमबल में हल्की बढ़त देखी गई और कुल कार्यशील जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 53.2 प्रतिशत से बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गया। 75.4 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत रहा, जबकि शहरी पुरुषों में यह 70.9 प्रतिशत से घटकर 70.4 प्रतिशत पर आ गया। ग्रामीण महिलाओं का डब्ल्यूपीआर 38.4 प्रतिशत से बढ़कर 38.6 प्रतिशत हो गया जबकि शहरी महिलाओं का कार्यशील जनसंख्या अनुपात लगभग 23 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
श्रम बल भागीदारी दर में इजाफा
आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 55.8 प्रतिशत से बढ़कर 56.1 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 58.6 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 50.4 प्रतिशत से घटकर 50.2 प्रतिशत रही। महिलाओं की एलएफपीआर कुल 35.1 प्रतिशत से बढ़कर 35.3 प्रतिशत रही। इसमें ग्रामीण महिलाएं 39.7 प्रतिशत से बढ़कर 40.1 प्रतिशत पर पहुंच गईं जबकि शहरी महिलाएं 25.5 प्रतिशत से घटकर 25.3 प्रतिशत पर आ गईं।
अन्य जेंडर श्रेणियों में भी बदलाव
अन्य जेंडर श्रेणियों में बेरोजगारी दर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, हालांकि यह अभी भी मध्य-वर्ष के उच्च स्तरों से नीचे है। ये आंकड़े 3,73,990 लोगों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण से मिली सूचना पर आधारित है। बेरोजगारी दर में मामूली वृद्धि के बावजूद, देश के समग्र वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR) में सुधार देखा गया है। WPR, जो कुल जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों के अनुपात को दर्शाता है, दिसंबर में बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गया, जो नवंबर में 53.2 प्रतिशत था।
नई सैंपलिंग प्रणाली के तहत नौवां बुलेटिन
यह रिपोर्ट जनवरी 2025 से अपनाई गई नई सैंपलिंग प्रणाली के तहत जारी नौवां मासिक बुलेटिन है। इसका मकसद उच्च-गुणवत्ता और व्यापक कवरेज वाले श्रम से जुड़े आंकड़े मुहैया कराना है। अखिल भारतीय स्तर पर ये आंकड़े कुल 3,73,990 व्यक्तियों के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किए गए हैं।
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