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एयरलाइन्स से मांगा किराए का डेटा मांगा

केन्द्र सरकार एयर लाइंस की मनमानी पर लगाम लगाने के मूड में

केन्द्र सरकार इंडिगो एयर लाइंस की विमान सेवाओं में में आये भारी व्यवधान और संकट में हवाई किराया में मारी बढ़ोतरी को देखते हुए अब विमान कंपनियों पर नकेल कसने की कवायद शुरू करने के मूड में नजर आ रही है।

केन्द्र सरकार एयर लाइंस की मनमानी पर लगाम लगाने के मूड में

केन्द्र सरकार एयर लाइंस की मनमानी पर लगाम लगाने के मूड में

डीजीसीए ने इंडिगो, एयर इंडिया व अन्य एयरलाइन्स से मांगा किराए का डेटा मांगा

नई दिल्ली
केन्द्र सरकार इंडिगो एयर लाइंस की विमान सेवाओं में में आये भारी व्यवधान और संकट में हवाई किराया में मारी बढ़ोतरी को देखते हुए अब विमान कंपनियों पर नकेल कसने की कवायद शुरू करने के मूड में नजर आ रही है। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा से औसत किराये का आंकड़ा देने को कहा है।

भारत के नागर विमानन महानिदेशालय ने सभी एयरलाइन्स को पत्र लिखकर 1- 15 दिसंबर की अवधि के लिए, इकॉनमी और प्रीमियम इकोनॉमी सीटों के लिए उनके द्वारा संचालित हर रूट पर औसत किरायों की जानकारी मांगी है। महानिदेशालय देश में विमानन क्षेत्र की सुरक्षा की निगरानी करता है। यह जानकारी प्रतिस्पर्धा आयोग की उस जांच के बीच मांगी गई है, जिसमें दिसंबर में बड़े पैमाने पर इंडिगो की फ्लाइट कैंसल होने की असल वजहों का पता लगाया जा रहा है। इस दौरान संकट के समय कुछ एयरलाइनों के किराए में भारी वृद्धि हुई, जिससे सरकार को उन पर अस्थायी सीमा लगानी पड़ी।

डीजीसीए ने 1 जनवरी को इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा सहित एयरलाइंस को पत्र लिखकर 1 से 15 दिसंबर तक के किराये की जानकारी मांगी है। दूसरी तरफ प्रतिस्पर्धा आयोग ने दिसंबर में ही इंडिगो के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या कंपनी ने अपनी प्रमुख बाजार स्थिति का दुरुपयोग किया। इस समय एंटीट्रस्ट अधिकारी दिसंबर में हुए यात्रा संबंधित व्यवधानों की जांच कर रहे हैं।

 

मालूम हो कि देश के नागरिक विमानन बाजार में इंडिगो की करीब 65% हिस्सेदारी है। कंपनी में पायलटों की कथित कमी के कारण उसे पिछले महीने लगभग 4,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं थी। इससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए और पूरे देश में हवाई यात्रा बाधित हुई। इस संकट के दौरान कुछ एयरलाइंस ने किराये में भारी बढ़ोतरी की, जिसके बाद सरकार को अस्थायी रूप से किराये की सीमा तय करनी पड़ी। यह संकट तब शुरू हुआ था जब नागरिक विमानन नियामक डीजीसीए ने पायलटों के लिए सख्त ड्यूटी और आराम के नए नियम पूरी तरह लागू किए।

भारत के प्रतिस्पर्धा नियामक सीसीआई ने दिसंबर में कहा कि वह यह आकलन करने के लिए इंडिगो के खिलाफ जांच कर रहा है कि उसने अपनी बाजार स्थिति का दुरुपयोग किया है या नहीं। हालांकि इंडिगो ने इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

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