भारतीय रेलवे ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वालों को बड़ी राहत देने जा रहा है। अब चार्ट बनने के बाद भी ऑनलाइन वेटिंग टिकट ऑटो-कैंसिल नहीं होगा, यात्री जनरल डिब्बे में सफर कर सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
नई दिल्ली: भारतीय रेल हर दिन करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती है। लेकिन, सफर कर रहे लोगों की यात्रा को वेटिंग टिकट की समस्या ने कठिन बना दिया है। त्योहारों और खास मौकों पर टिकट की परेशानी और भी बढ़ जाती है। वहीं, ऑनलाइन टिकट बुकिंग के बाद वेटिंग की वजह से लोगों को जनरल टिकट खरीदना पड़ता है।
रेलवे की ऑटो-कैंसिलेशन नियम को हटाने की योजना
रेलवे अब इस समस्या का समाधान निकालने जा रहा है। भारतीय रेल मंत्रालय ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वाले यात्रियों के लिए ऑटो-कैंसिलेशन नियम को हटाने की योजना बनाई है। इसका मतलब होगा कि अगर आपकी टिकट वेटिंग में है और चार्ट बनने के बाद भी वह वेटिंग ही रहती है, तो आपका टिकट मान्य रहेगा। आप उसी टिकट पर जनरल डिब्बे में भी सफर कर सकेंगे।
11 करोड़ यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
यह बदलाव खासतौर पर उन 11 करोड़ यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी, जो वेटिंग टिकट की वजह से या तो यात्रा नहीं कर पाते थे या फिर अलग से जनरल टिकट लेकर सफर करते थे। पहले यह सुविधा केवल टिकट विंडो से रिजर्वेशन करने वाले यात्रियों को मिलती थी, लेकिन अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वालों को भी इसका फायदा मिलेगा।
वेटिंग टिकट के साथ सफर कर सकेंगे यात्री
वर्तमान में लगभग 85 फीसदी भारतीय रेल टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं। इसलिए सरकार ने इन यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल रखा है। पहले वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद अपने आप कैंसिल हो जाता था और पैसे वापस होते थे, लेकिन नए नियम के तहत आप अपनी वेटिंग टिकट के साथ ही जनरल डिब्बे में आराम से सफर कर पाएंगे।
रेलवे के नियमों में और कई सुधार होने की संभावना
यह बदलाव न केवल यात्रियों के लिए समय और पैसे की बचत करेगा, बल्कि यात्रा के अनुभव को भी सहज और आरामदायक बनाएगा। रेलवे के नियमों में और भी कई सुधार होने वाले हैं, जिनकी पूरी जानकारी जल्द सामने आएगी।
प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार
इस नई पहल से भारतीय रेल यात्रा की चुनौतियां कम होंगी और लाखों यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में आसानी होगी। यह कदम यात्रियों के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा और डिजिटल टिकटिंग को और अधिक सशक्त बनाएगा। प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है।