विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत ने लंबी छलांग लगायी है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले हफ्ते करीब 39 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।
मुंबई। विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत ने लंबी छलांग लगायी है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले हफ्ते करीब 39 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। इस बढ़ोतरी के बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच गया है।
विदेशी मुद्रा भंडार में हुई 39 करोड़ डॉलर की वृद्धि
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में 9 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में लगभग 39 करोड़ डॉलर (392 मिलियन डॉलर) की वृद्धि हुई, जिससे यह कुल $687.19 बिलियन हो गया और सर्वकालिक उच्च स्तर (लगभग $704 बिलियन) के करीब पहुँच गया है। हालांकि इस हफ्ते सोने के भंडार में उछाल और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में गिरावट देखी गई है। इससे पहले के हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखी जा रही थी।
विदेशी मुद्रा भंडार में एफसीए है सबसे बड़ा घटक
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार ताजा बढ़ोतरी के बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर 2024 के सर्वकालिक उच्च स्तर 704 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) हैं, जो 550 अरब डॉलर हैं। हालांकि इसमें 1.12 अरब डॉलर की गिरावट आई है।
भारत के गोल्ड रिजर्व में भी हुई बढ़ोतरी
आलोच्य अवधि के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व में भी बढ़ोतरी हुई है। रिजर्व बैंक के अनुसार, सोने का भंडार वर्तमान में 112.83 अरब है, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 1.5 अरब डॉलर ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 56 अरब डॉलर बढ़ा। वहीं 2024 में ये वृद्धि 20 अरब डॉलर से थोड़ी अधिक रही। आरबीआई डाटा के अनुसार 2023 में विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 58 अरब डॉलर की तेजी आई थी। हालांकि 2022 में इसमें 71 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।
भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट में हुई मामूली गिरावट
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (SDR) में मामूली गिरावट हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में $39 million की मामूली कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले भी इसमें $25 million की कमी हुई थी। अब यह घट कर 18.739 बिलियन डॉलर का रह गया है। इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे हुए देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में $108 million डॉलर की कमी हुई है। अब अपना आईएमएफ रिजर्व घट कर $4.758 Billion का रह गया है।
11 महीने तक विदेश से आयात के लिए पर्याप्त है देश का विदेशी मुद्रा भंडार
रिजर्व बैंक ने दिसंबर में मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के बाद कहा था कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने तक विदेश से आयात के लिए पर्याप्त है। आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर संतोष जाहिर किया था और कहा कि भारत का बाहरी क्षेत्र लचीला बना हुआ है। विदेशी मुद्रा भंडार, किसी देश के केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण की परिसंपत्तियां होती हैं, जो मुख्य तौर पर अमेरिकी डॉलर है। इसमें कुछ हिस्सा यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग का भी होता है। आरबीआई रणनीतिक रूप से रुपये के मजबूत होने पर डॉलर खरीदता है और रुपये के कमजोर होने पर डॉलर बेचता है।
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