इंडिगो के एमडी राहुल भाटिया ने कहा कि हवाई अड्डा संचालकों को एयरलाइनों का स्वामित्व देने से संचालन और प्रतिस्पर्धा में हितों का बड़ा टकराव पैदा हो सकता है।
IndiGo MD Warns of ‘Major Conflict of Interest’ if Airport Operators Own Airlines |
नई दिल्ली,(भारत)। इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने गुरुवार को कहा कि हवाईअड्डे के संचालकों को एयरलाइनों का स्वामित्व और संचालन करने की अनुमति देने से "हितों का भारी टकराव" पैदा होगा, क्योंकि इस तरह के मॉडल का कोई वैश्विक उदाहरण नहीं है। इंडिगो के निवेशक सम्मेलन के दौरान बोलते हुए भाटिया ने कहा, "हवाईअड्डे के संचालकों द्वारा एयरलाइनों का स्वामित्व रखने का कोई वैश्विक उदाहरण नहीं है। अगर हवाईअड्डे के संचालकों को एयरलाइनों का स्वामित्व रखने की अनुमति दी जाती है तो हितों का भारी टकराव होगा।"
एयरलाइनों का स्वामित्व रखने की अनुमति देने से हितों का टकराव
भाटिया ने कहा कि हवाईअड्डे के संचालकों को एयरलाइनों का स्वामित्व रखने की अनुमति देने से हितों का टकराव पैदा होगा, क्योंकि हवाईअड्डे के संचालक एयरलाइनों को हवाईअड्डे के स्लॉट, पार्किंग स्थल और अन्य परिचालन सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आवंटन के लिए जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने कहा कि "हवाईअड्डे के संचालकों द्वारा एयरलाइनों का स्वामित्व रखने का कोई वैश्विक उदाहरण नहीं है" और इस व्यवस्था को "हितों का भारी टकराव" बताया।
स्वामित्व को नियंत्रित करने वाले मौजूदा नियमों में बदलाव
उनकी यह टिप्पणी मीडिया रिपोर्टों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि प्रमुख हवाईअड्डे संचालक जीएमआर समूह और अदानी समूह निर्धारित एयरलाइनों के स्वामित्व को नियंत्रित करने वाले मौजूदा नियमों में बदलाव करके एयरलाइन व्यवसाय में प्रवेश करने की मंजूरी मांग रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस कदम के लिए मौजूदा नियामक ढांचे में बदलाव की आवश्यकता होगी, जो नई दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों के संचालकों को किसी भी अनुसूचित एयरलाइन में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने से रोकता है।
प्रावधान में संशोधन की संभावना की हो रही जांच
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सरकार इस प्रावधान में संशोधन की संभावना की जांच कर रही है, जिसमें कानूनी राय लेना भी शामिल है। किसी भी बदलाव के लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक होगी। न तो सरकार और न ही हवाई अड्डे के संचालकों ने मौजूदा नियमों में किसी भी बदलाव की आधिकारिक घोषणा की है। संभावित नीतिगत बदलावों से संबंधित घटनाक्रमों की जानकारी अब तक मीडिया द्वारा सरकारी सूत्रों और कंपनी के अधिकारियों के हवाले से दी गई है। (एएनआई)
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