योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश का फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
एफएसडीए और इन्वेस्ट यूपी कर रहे हैं आयोजन
योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश का फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके अंतर्गत निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार बुनियादी ढांचे के विकास, नीतिगत सुधारों और निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में फार्मा सेक्टर की समस्याओं, जरूरतों और निवेश संभावनाओं पर मंथन के लिए आगामी 3 फरवरी को राजधानी लखनऊ स्थित होटल ताज में “फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तर प्रदेश” का आयोजन किया जा रहा है। यह कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और इन्वेस्ट यूपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और राकेश सचान, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, जसवंत सिंह सैनी तथा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र ‘दयालु’ विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
देश-दुनिया की दिग्गज फार्मा कंपनियों की होगी भागीदारी
एफएसडीए सचिव एवं आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को रीढ़ के रूप में विकसित किया जा रहा है। फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में देश-दुनिया की अग्रणी फार्मा कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें रामकी ग्रुप के चेयरमैन एवं राज्यसभा सदस्य अयोध्या रामी रेड्डी, सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉ. रेड्डीज के चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी, ज़ाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पंकज आर. पटेल और टोरेंट फार्मा के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता शामिल हैं। इसके अलावा कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में एमएसएन लेबोरेटरीज के एमएसएन रेड्डी, डाबर के निदेशक आदित्य वर्मन और एलकेम के निदेशक संदीप सिंह की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रहेगी।
निवेश, उत्पादन और नवाचार पर होगा मंथन
उद्योग जगत के ये दिग्गज उत्तर प्रदेश में निवेश, उत्पादन, अनुसंधान और नवाचार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कॉन्क्लेव का आयोजन इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए), इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईडीएमए), बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीडीएमएआई), ऑर्गनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ इंडिया (ओपीपीटी) और फेडरेशन ऑफ फार्मा एंटरप्रेनर्स (एफओपीई) के सहयोग से किया जा रहा है।
फार्मा नीति 2023 से निवेशकों को मिल रहा प्रोत्साहन
डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में यूपी फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस उद्योग नीति-2023 लागू की गई है। इसके तहत निवेशकों को 15 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट और बिजली शुल्क में पूर्ण छूट जैसे आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा यूपी एफडीआई/एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2024 भी निवेश को और आसान बना रही हैं।
बल्क ड्रग और मेडिकल डिवाइस पार्क तेजी से हो रहे तैयार
इन नीतियों का असर यह है कि ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क और ग्रेटर नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क तेजी से आकार ले रहे हैं। प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, 450 से अधिक फार्मा कॉलेज और नाइपर रायबरेली, केजीएमयू, एसजीपीजीआई, आईआईटी कानपुर व आईआईटी बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी की मजबूत पहचान
उत्तर प्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। निवेश मित्र जैसे सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से आवेदन से लेकर परियोजना संचालन तक की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। एफएसडीए द्वारा निवेशकों को समयबद्ध मंजूरी और नियामकीय सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के पास रेडी-टू-मूव औद्योगिक भूमि का बड़ा बैंक भी उपलब्ध है।
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