अलवर में आईटीबीपी के हिमवीर सम्मान समारोह में महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 136 कार्मिकों को सम्मानित किया। 10 को रजत स्मृति चिह्न और 126 को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
अलवर (राजस्थान)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के केंद्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय (सीटीसी), अलवर में गुरुवार को आयोजित 'हिमवीर सम्मान समारोह' में महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बल के 136 कार्मिकों को उनके साहस, समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया। इनमें 10 कार्मिकों को 'महानिदेशक रजत स्मृति चिह्न' तथा 126 को 'महानिदेशक प्रशस्ति पत्र' प्रदान किए गए। प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वालों में इंजीनियरिंग एवं पायनियर शाखा के 12 कार्मिक भी शामिल हैं।
दुर्गम सीमाओं से आपदा राहत तक हिमवीरों का योगदान
समारोह में हिमवीरों से संवाद करते हुए महानिदेशक ने उनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गम हिमालयी सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा और आपदा राहत एवं बचाव तक, आईटीबीपी के कार्मिक कठिन परिस्थितियों में भी समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा कर रहे हैं। उनका मनोबल, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और कल्याण ही बल की वास्तविक शक्ति है।

शिकायतों का समाधान, आवास और सुविधाओं पर जोर
महानिदेशक ने कार्मिक कल्याण से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष 2,500 से अधिक हिमवीरों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया है तथा 299 नए आवासों का निर्माण पूर्ण हुआ है। अग्रिम चौकियों पर तैनात कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण वस्त्र, आधुनिक उपकरण और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास भी जारी हैं। उन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और निरंतर क्षमता संवर्धन को बल की प्रमुख प्राथमिकता बताया।
हिमवीरों के साथ परिवारों के कल्याण पर भी फोकस
महानिदेशक ने कहा कि हिमवीरों के साथ उनके परिवारों का कल्याण भी संगठन की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आयुष्मान सीएपीएफ योजना के अंतर्गत कार्मिकों एवं उनके परिजनों को चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, हिमवीर वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (हावा) द्वारा दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर, चिकित्सा एवं शैक्षणिक उपकरण तथा आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हिमवीरों के बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शहीदों के परिजनों की देखभाल और आधुनिक आईटीबीपी का लक्ष्य
उन्होंने शहीद हिमवीरों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिजनों की देखभाल और समस्याओं के समयबद्ध समाधान के प्रति बल की प्रतिबद्धता दोहराई। महानिदेशक ने सम्मानित कार्मिकों को पूरे बल के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि आईटीबीपी को आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकी-सक्षम बल के रूप में विकसित करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिमवीर 'शौर्य, दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा' के आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते रहेंगे।
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