ITBP ने दिल्ली के राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। समारोह में शहीद परिवार शामिल हुए और जवानों ने औपचारिक सलामी दी।
नई दिल्ली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) ने मंगलवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर एक विशेष समारोह आयोजित कर राष्ट्रसेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में देशभर से शहीदों के परिजनों को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान शोक शस्त्र की कार्रवाई के साथ औपचारिक सलामी दी गई। ITBP बैंड की विशेष प्रस्तुति ने माहौल को श्रद्धा और देशभक्ति से भर दिया।
महानिदेशक और हावा अध्यक्षा ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और हिमवीर वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (हावा) की अध्यक्षा भारती कपूर ने अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। समारोह से पहले महानिदेशक और हावा अध्यक्षा ने उपस्थित सभी 73 शहीदों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने परिवारों की समस्याओं और कठिनाइयों को धैर्यपूर्वक सुना तथा उनके शीघ्र समाधान के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इस दौरान शहीदों के परिजनों को उनके साहस, धैर्य और त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सम्मानित भी किया गया।
शहीद परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा
महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने शहीद परिवारों के कल्याण के प्रति बल की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आश्वस्त किया कि ITBP हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहयोग एवं सहायता देती रहेगी। इस अवसर पर शहीद परिवारों को दिल्ली के प्रमुख स्थलों का भ्रमण भी कराया गया। महानिदेशक ने वरिष्ठ अधिकारियों, शहीदों के परिजनों और विशिष्ट अतिथियों के साथ राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान और उनकी गौरवशाली विरासत को नमन किया।
रक्तदान शिविर में जवानों ने किया करीब 100 यूनिट रक्तदान
समारोह से पहले सुबह आयोजित रक्तदान शिविर में ITBP के जवानों और अन्य कार्मिकों ने स्वेच्छा से करीब 100 यूनिट रक्तदान किया। इस पहल के जरिए बल ने सीमाओं की सुरक्षा के साथ मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की। समारोह के अंत में एक विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से ITBP के वीर जवानों के शौर्य, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान की गाथा दिखाई गई। इसमें देश की दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में बल के योगदान को रेखांकित किया गया। यह श्रद्धांजलि समारोह ITBP के अमर शहीदों के बलिदान को याद करने, उनकी विरासत को अक्षुण्ण रखने और उनके परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहने के संकल्प को दोहराने का अवसर बना।
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