जयराम रमेश ने कहा कि इंडिया गठबंधन की रैली से दिल्ली के कारोबारियों को फायदा हुआ, जबकि CTI और बीजेपी ने 11 हजार करोड़ के नुकसान का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) की सीईसी-विरोधी रैली के बाद अब इसके आर्थिक असर को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल का 'दुष्प्रचार बेअसर' साबित हुआ है और इस आयोजन से स्थानीय दुकानदारों की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
जयराम रमेश का आरोप: वोट चोरी से ध्यान भटकाने की साजिश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने रैली को बदनाम करने के लिए डर का माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी व्यापारियों को नुकसान और बाजार बंद होने की अफवाह फैला रही थी ताकि देश भर से लोग दिल्ली न आएं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि जब पूरे देश से लोग दिल्ली आएंगे, तो वे खरीदारी भी करेंगे। इससे दिल्ली के हर छोटे-बड़े कारोबार को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा है।
ज्ञानेश कुमार को बचाने का प्रयास?
जयराम रमेश के अनुसार, बीजेपी का यह बेतुका अभियान सिर्फ 'वोट चोरी' के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए था।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की अपील पर रैली में शामिल होने आए लोगों और दिल्ली की जनता ने जमकर खरीदारी की। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों से लेकर सड़क किनारे पटरी लगाने वाले छोटे विक्रेताओं तक, सभी का व्यापार बढ़ा है।
निर्मला सीतारमण और अमित शाह पर साधा निशाना
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बीजेपी पर हमला बोलते हुए रमेश ने कहा कि देश की जनता पिछले 12 सालों से इनकी हरकतों को देख रही है। अब लोग इनकी बातों में आने वाले नहीं हैं। जनता अपने वोट के अधिकार की रक्षा भी करेगी, व्यापार भी करेगी और सरकार से जवाबदेही भी मांगेगी।
CTI का दावा: रैली से हुआ 11,000 करोड़ का नुकसान
दूसरी ओर, कांग्रेस के इन दावों के विपरीत 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने अलग आंकड़े पेश किए हैं। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया कि रामलीला मैदान में हुई इस रैली के कारण दिल्ली के व्यापारिक क्षेत्र को 10,000 से 11,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
गोयल के अनुसार, रैली स्थल के आसपास के 20 से 25 प्रमुख बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए और लगभग 3 लाख दुकानों में से करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं।
अमित शाह ने रैली की टाइमिंग पर उठाए सवाल
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्योहारी सीजन के दौरान रैली आयोजित करने पर विपक्ष को घेरा था। अमित शाह ने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों ने बार-बार गुहार लगाई थी कि दिवाली से ठीक पहले का यह सप्ताह उनके साल भर के सबसे मुख्य कारोबार का समय होता है।
गृह मंत्री ने कहा कि व्यापारियों ने तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पत्र लिखे, लेकिन विपक्ष ने उनकी एक न सुनी और उसी दिन रैली करने पर अड़े रहे।
राहुल गांधी ने बीजेपी पर लगाया था दुकानें बंद कराने का आरोप
गौरतलब है कि रैली से ठीक पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर ही कनॉट प्लेस की दुकानों को जबरन बंद कराने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कार्यकर्ताओं से स्थानीय बाजारों का समर्थन करने की अपील की गई थी, लेकिन वहां पहुंचने पर दुकानें बंद पाई गईं।
(इनपुट: ANI)
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