पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर के लिए अलग जगह पर सीट तय की गई है। यह सीट टीएमसी विधायकों की सीटों से दूर होगी।
टीएमसी से निष्कासन के बाद नई सीट तय
पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर के लिए अलग जगह पर सीट तय की गई है। यह सीट टीएमसी विधायकों की सीटों से दूर होगी। हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर हुआ विवाद
टीएमसी ने हुमायूं कबीर को इसलिए निष्कासित किया क्योंकि उनकी निगरानी में मुर्शिदाबाद के रेजीनगर और बेलडांगा के बीच बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए तीन करोड़ से अधिक चंदा भी मिल चुका है।
विपक्ष में बैठने की इच्छा
हुमायूं कबीर ने कहा कि वे विधानसभा में विपक्षी बेंचों पर बैठना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे टीएमसी और भाजपा—दोनों के खिलाफ रहेंगे।
22 दिसंबर को नई पार्टी का एलान
हुमायूं कबीर ने बताया कि वे 22 दिसंबर को अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगे।
2026 चुनाव की तैयारी
उन्होंने दावा किया कि:
- वे 2026 के विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।
- इनमें से 90 सीटों पर जीत पक्की होने का उनका दावा है।
हुमायूं ने यहां तक कहा— “मेरे समर्थन के बिना किसी पार्टी की सरकार नहीं बनेगी और न ही मुख्यमंत्री।”
भाजपा से नजदीकी के आरोपों पर जवाब
टीएमसी का आरोप था कि हुमायूं कबीर भाजपा की मदद कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह निराधार बताया।
टीएमसी में उपेक्षा का आरोप
उन्होंने कहा कि वे पार्टी में उपेक्षित थे। जब उन्हें निष्कासन का नोटिस मिला, उसी दिन बहरमपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली थी। वे रैली में पहुंचे भी थे, लेकिन सूचना मिलते ही वापस लौट आए।
कांग्रेस में शामिल होने से इंकार
हुमायूं कबीर पहले भाजपा में थे और बाद में टीएमसी में आए। अब उन्होंने कांग्रेस को “साइन बोर्ड” बताते हुए उसमें शामिल होने से साफ इंकार कर दिया।
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