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नर्मदा को घोषित किया सेंचुरी

मुख्यमंत्री ने नर्मदा में छोड़े छह मगरमच्छ

यहां के नर्मदानगर में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नर्मदा नदी में छह मगरमच्छ छोड़े। इसमें चार मादा और दो नर हैं। साकल घाट पर पिंजरे से निकलने के एक घंटे तक मगरमच्छ पानी में नहीं उतरे।

मुख्यमंत्री ने नर्मदा में छोड़े छह मगरमच्छ

मुख्यमंत्री ने नर्मदा में छोड़े छह मगरमच्छ

नर्मदा को घोषित किया सेंचुरी

प्राइम न्यूज नेटवर्क

खंडवा। यहां के नर्मदानगर में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नर्मदा नदी में छह मगरमच्छ छोड़े। इसमें चार मादा और दो नर हैं। साकल घाट पर पिंजरे से निकलने के एक घंटे तक मगरमच्छ पानी में नहीं उतरे। इस बीच वन कर्मी औ मुख्यमंत्री खुद मशक्कत करते रहे। अंतत उसे लाठी से आगे बढ़ाकर पानी में छोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, जहां मगरमच्छ को छोड़ा गया है, उसे सेंचुरी घोषित किया जाएगा। एक नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर ओंकारेश्वर अभयारण्य की घोषणा करने की बात कही।

वन मंत्री विजय शाह की ओर इशारा कर मुख्यमंत्री ने कहा, इनके जन्मदिन के दिन सेंचुरी की घोषणा करेंगे। मालूम हो कि 1 नवंबर को विजय शाह का जन्मदिन है। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार पुण्य सलिला मां नर्मदा के बाहन मगरमच्छ को मां नर्मदा में बसाने के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। मगरमच्छ के आवास के लिए नर्मदा की धारा अत्यंत अनुकूल है।

हालांकि मछुआरों के संगठन ने इस फैसले का विरोध किया है और इसे आजीविका के लिए बड़ा खतरा बताया है। मछुआरा कांग्रेस ने भी इसका विरोध किया है। मछुआरा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सदाशिव भंवरिया ने सरकारे के फैसले का विरोध किया है।

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