श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में शुक्रवार को मादा चीता आशा के दूसरी बार मां बनने की खुशखबरी आई है। 'आशा'सितंबर 2022 में नामीबिया से भारत लाई गई पहली खेप का हिस्सा थी।
श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में शुक्रवार को मादा चीता आशा के दूसरी बार मां बनने की खुशखबरी आई है। 'आशा'सितंबर 2022 में नामीबिया से भारत लाई गई पहली खेप का हिस्सा थी।इस बार आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले जनवरी 2024 में उसने 3 शावकों को जन्म दिया था।शावकों के आगमन के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 35 हो गई है।
प्रोजेक्ट चीता के लिए एक मील का पत्थर
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। उन्होंने इसे भारत के 'प्रोजेक्ट चीता' की बड़ी सफलता बताया है।
अपने देश की धरती पर पैदा हुए शावक की संख्या हुई 24
अब तक भारत की धरती पर पैदा हुए जीवित शावकों की संख्या 24 हो गई है।यह भारतीय धरती पर चीतों का 8वां सफल प्रसव (Litter) है।कूनो के फील्ड डायरेक्टर और डॉक्टरों की टीम इन शावकों की 24 घंटे रिमोट सर्विलांस और फील्ड मॉनिटरिंग के जरिए निगरानी कर रही है।
क्या है भविष्य की योजनाएं
यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस महीने के अंत तक (28 फरवरी 2026) बोत्सवाना से 8 और नए चीते कूनो नेशनल पार्क आने वाले हैं। इसके अलावा, कूनो में मौजूद अन्य मादा चीते (गामिनी और ज्वाला) के भी गर्भवती होने की जानकारी सामने आई है, जिससे आने वाले समय में चीतों का कुनबा और बढ़ने की उम्मीद है।
यह भी महत्वपूर्ण
मादा चीता 'आशा' को कूनो में एक स्थिर और सफल प्रजनन करने वाली मादा के रूप में देखा जा रहा है। उसके शावकों का भारतीय वातावरण में ढल जाना इस प्रोजेक्ट की स्थिरता का एक सकारात्मक संकेत है।
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