महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर बुलाया गया 18वीं लोकसभा का सातवां विशेष सत्र आज समाप्त हो गया। यह विशेष सेशन बजट सत्र का हिस्सा था जो 28 जनवरी को शुरू हुआ था।
नई दिल्ली। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर बुलाया गया 18वीं लोकसभा का सातवां विशेष सत्र आज समाप्त हो गया। यह विशेष सेशन बजट सत्र का हिस्सा था जो 28 जनवरी को शुरू हुआ था। विशेष सत्र के दौरान मोदी सरकार का महिला आरक्षण विधेयक — नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 तक लागू करने और लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने के प्रावधान वाला संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 — सदन में पारित नहीं हो सका। इस विधेयक को पास कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत (352 वोट) की जरूरत थी लेकिन पक्ष में केवल 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
151 घंटे का कामकाज और 93% कार्य-उत्पादकता
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंतिम दिन कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा उन्होंने सत्रावसान की सूचना देते हुए सदन को सूचित किया कि सत्र के दौरान 31 बैठकें हुईं जो लगभग 151 घंटे 42 मिनट तक चलीं। बिरला ने सूचित किया कि सत्र के दौरान सदन की कार्य-उत्पादकता 93 प्रतिशत रही।
राष्ट्रपति का अभिभाषण और केंद्रीय बजट पर चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि भारत की राष्ट्रपति ने 28 जनवरी, 2026 को संसद के दोनों सदनों के एक साथ समवेत सदस्यों को संबोधित किया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 2 घंटे 46 मिनट तक चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने 1 फरवरी, 2026 को सदन में केंद्रीय बजट 2026-2027 प्रस्तुत किया। केंद्रीय बजट 2026-27 पर सामान्य चर्चा लगभग 13 घंटे तक चली। उन्होंने बताया कि चर्चा में 63 सदस्यों ने भाग लिया। वित्त मंत्री ने 11 फरवरी, 2025 को चर्चा का उत्तर दिया।
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