कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर पश्चिम बंगाल में दंगा होने की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके रहते राज्य के खिलाफ कोई भी साजिश कामयाब नहीं होगी।
एसआईआर को लेकर भेदभाव का आरोप
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का एसआईआर के दौरान पश्चिम बंगाल में जिस तरह का रवैया है, वैसा किसी दूसरे राज्य में देखने को नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के बांग्लाभाषियों पर उत्तर प्रदेश, बिहार समेत अन्य भाजपा शासित राज्यों में हो रहे हमलों और हत्या की घटनाओं पर भी रोष जताया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत सुनवाई के दौरान माध्यमिक परीक्षा के एडमिट कार्ड को मान्य नहीं करने का निर्देश जारी कर दिया है। जबकि पहले इसे मान्यता दी जाती रही है।
फैसले को बताया मनमाना
उन्होंने कहा कि हमेशा से माध्यमिक परीक्षा का एडमिट कार्ड मान्य रहा है। इसे अमान्य करने का कोई औचित्य नहीं है और यह घोर मनमाना फैसला है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग दो महीने में करीब दो सौ बार नए-नए निर्देश जारी कर चुका है और पूरा काम व्हाट्सऐप के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के कारण जहां वोटर परेशान हैं, वहीं बीएलओ और अन्य चुनाव अधिकारी भी दबाव में हैं। हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि वोटर और बीएलओ आत्महत्या तक कर रहे हैं।
बार-बार सुनवाई के लिए बुलाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के तहत वोटरों को बार-बार सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। जाने-माने प्रतिष्ठित लोगों को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम वोटर इतने परेशान हो चुके हैं कि अब इसके विरोध में सड़कों पर उतर रहे हैं। लोगों का गुस्सा फूट रहा है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि एक जिले में 90 प्रतिशत वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पद की मर्यादा का भी ख्याल नहीं रह गया है।
सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी टीएमसी सुप्रीम कोर्ट गई है और उन्हें वहां से न्याय मिलने का पूरा भरोसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग डोमिसाइल सर्टिफिकेट और आधार कार्ड तक को मान्य नहीं कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इसका कारण क्या है। ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम काटने की साजिश रची जा रही है और महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और मुसलमानों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से पश्चिम बंगाल में भयावह स्थिति पैदा करना चाहती है, ताकि विधानसभा चुनाव बाधित हो सकें।
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