मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के जिलाधिकारियों को कहा है कि वे लाजिकल डिसक्रिपेंसी की आड़ में किसी भी वैध वोटर का नाम नहीं कटने दें।
जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के जिलाधिकारियों को कहा है कि वे लाजिकल डिसक्रिपेंसी की आड़ में किसी भी वैध वोटर का नाम नहीं कटने दें। यह उनकी बड़ी बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने उन्हें यह भी समझाया कि वे किसी के दबाव में नहीं आए और ना ही डरे। वे अपने राज्य के जिलाधिकारियों के साथ हैं। राज्य सचिवालय नबान्नो के सूत्रो के अनुसार मुख्यमंत्री जिलाधिकारियों की यह बैठक बंद कमरे में हुई। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने जिलाधिकारियो को बैठक में आने की सूचना दी थी और उनके नेतृत्व में ही करीब आध घंटे की बैठक हुई। कहना न होगा कि जिलाधिकारी ही अभी जिला चुनाव अधिकारी हैं और उन्हें चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबित चलना पड़ रहा है।
एक भी वैध वोटर न हो बाहर
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में करीब दस मिनट रही होगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को कहा कि एसआईआर का कार्य चल रहा है। मतदाता सूत्री तैयार करना महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें जिलाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्हें ही यह सुनिश्चित करना है कि एक भी वैध वोटर का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो पाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें यह भी कहा कि उन पर काफी दबाव है। उनका इशारा चुनाव आयोग की ओर था। उन्होंने उन्हें भरोसा दिया कि वे (ममता बनर्जी) उनके साथ हैं और हमेशा रहेगी। उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में एक-डेढ़ महीने में राज्य सरकारकी योजनाओं बांग्लार बाड़ी, पथश्री, आमादेर पाड़ा – आमादेर समाधान आदि योजनाओं को पूरा करने में कोई कोताही न होने देने पर जोर दिया और कहा कि जिलाधिकारी इस पर गौर करें।
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