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कालीघाट स्थित अपने निवास में भी धूमधाम से की पूजा

पंडालों में पूजा अर्चना कर ममता ने भाजपा नेताओं को दी टक्कर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी पूजा यानी दुर्गा पूजा और उसके बाद काली पूजा समाप्त हो गई।

 पंडालों में पूजा अर्चना कर ममता ने भाजपा नेताओं को दी टक्कर

ANI

 पंडालों में पूजा अर्चना कर ममता ने भाजपा नेताओं को दी टक्कर

कालीघाट स्थित अपने निवास में भी धूमधाम से की पूजा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी पूजा यानी दुर्गा पूजा और उसके बाद काली पूजा समाप्त हो गई। दोनों देवियों के पूजा पंडालों का उद्घाटन और परिदर्शन और पूजा अर्चना करने की होड़ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा नेताओं की टक्कर में अव्वल मानी जा रही हैं। भाजपा की ओर से विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार पिछड़ गए। ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने निवास में इस बार कुछ ज्यादा धूमधाम से काली पूजा की।
कहना न होगा कि पश्चिम बंगाल में पूजोत्सवों का अच्छा-खासा राजनीतिकरण हुआ है। उसी के तहत वामपंथी पार्टियों को छोड़ कर दूसरी तमाम पार्टियों के नेताओं की ओर से पूजा पंडालों के उद्घाटन करने की होड़ रहती है। लोकप्रियता हासिल करने की यह अच्छी-खासी रणनीति है। अगले साल आरंभ में विधानसभा चुनाव होने के चलते यह रणनीति महत्वपूर्ण हो गई। इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि दुर्गा पूजा के पंडालों का उद्घाटन करने के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए उत्तर बंगाल के दौरे को तय समय के पहले कर लिया। उत्तर बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक क्षति हुई थी और इस विपदा के मद्देनजर उन्होंने पांच दिनों का दौरा तय किया था।
विधानसभा चुनाव में अपने अनुकूल सहवास बनाने के लिए ममता बनर्जी ने उन क्लबों को पिछले सालों की तुलना में इस साल ज्यादा आर्थिक मदद देना मंजूर किया। केवल इतना ही नहीं, अधिक से अधिक शानदार और आकर्षक पंडालों बनाने वाले क्लबों को धूमधाम से पुरस्कृत किया।
भाजपा नेताओं ने भी ज्यादा से ज्यादा पूजा पंडालों का उद्घाटन और प्रदर्शन किया लेकिन वे ममता बनर्जी की तुलना मे कम संख्या में पूजा पंडालों का उद्घाटन और प्रदर्शन कर सके। यों कहें कि उनका समर्थन करने वाले पूजा क्लबों की तादाद ज्यादा नहीं है ।

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