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काठमांडू में फंसे हैं 52 भारतीय तीर्थयात्री

नेपाल में भारतीयों के फंसने पर MEA ने जारी की एडवाइजरी, बिना पुख्ता वीजा-परमिट न शुरू करें कैलाश मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 को लेकर विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। काठमांडू में 52 भारतीयों के फंसने के बाद MEA ने बिना वीजा-परमिट यात्रा न करने की सलाह दी है।

नेपाल में भारतीयों के फंसने पर mea ने जारी की एडवाइजरी बिना पुख्ता वीजा-परमिट न शुरू करें कैलाश मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर | ANI

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रैवल एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। सरकार ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि जब तक यात्रा से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और परमिट न मिल जाएं, तब तक वे भारत से अपनी यात्रा शुरू न करें।

दस्तावेजों के बिना यात्रा शुरू करने से बचें

शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए यात्रा करने वाले कई भारतीय नागरिकों से मदद के अनुरोध मिले हैं। ये तीर्थयात्री चीन के लिए आवश्यक प्रवेश परमिट और वीजा के बिना ही यात्रा पर निकल गए और अब नेपाल में फंसे हुए हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि दस्तावेजों की उम्मीद में या अधूरे पेपर्स के साथ यात्रा शुरू करने से फंसने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। साथ ही, श्रद्धालुओं को केवल पंजीकृत और अधिकृत टूर ऑपरेटरों की सेवाएं लेने की सलाह दी गई है।

काठमांडू में फंसे 52 भारतीय नागरिक

वर्तमान में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लगभग 52 भारतीय नागरिक नेपाल की राजधानी काठमांडू में फंसे हुए हैं और सुरक्षित आगे बढ़ने के लिए तत्काल सरकारी मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी चिंता जताई है। 

सांसद सुप्रिया सुले ने उठाया मुद्दा, हस्तक्षेप करने की मांग

सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों को टैग करते हुए लिखा, "कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 52 भारतीय नागरिक इस समय नेपाल के काठमांडू में फंसे हुए हैं और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है।" उन्होंने विदेश मंत्रालय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आगे की यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की।

20 जून को सिक्किम के नाथू ला दर्रे से रवाना हुआ था पहला जत्था

गौरतलब है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 20 जून को सिक्किम के नाथू ला दर्रे से भारत-चीन सीमा पार कर चीन में प्रवेश कर चुका है। लेकिन निजी ऑपरेटरों के जरिए जा रहे यात्रियों को नेपाल के रास्ते परमिट की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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