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बांग्लादेश को आपूर्ति के बाद श्रीलंका और मालदीव...

बांग्लादेश को आपूर्ति के बाद श्रीलंका और मालदीव ने भी अनुरोध किया : MEA

MEA : बांग्लादेश पेट्रोल और डीजल की गंभीर कमी का सामना कर रहा है और उसे भारत से...

बांग्लादेश को आपूर्ति के बाद श्रीलंका और मालदीव ने भी अनुरोध किया  mea

बांग्लादेश को आपूर्ति के बाद श्रीलंका और मालदीव ने भी अनुरोध किया : MEA |

MEA : बांग्लादेश पेट्रोल और डीजल की गंभीर कमी का सामना कर रहा है और उसे भारत से डीजल की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जबकि उसने अतिरिक्त आपूर्ति का अनुरोध किया है. जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश को आपूर्ति करने से पहले भारत अपनी डीजल उपलब्धता को ध्यान में रखे हुए है. भारत की अपनी आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाएगा. हमें श्रीलंका और मालदीव से भी ऐसे अनुरोध प्राप्त हुए हैं. 

कल भारत सरकार के सूत्रों ने कहा था कि भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति दोनों देशों के बीच नियमित रूप से चल रहे ऊर्जा व्यापार का हिस्सा है. सूत्रों के अनुसार, भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (आईबीएफपी) असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड से बांग्लादेश को व्यावसायिक आधार पर डीजल की आपूर्ति कर रही है और यह ईंधन आपूर्ति दोनों पड़ोसी देशों के बीच नियमित द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग का हिस्सा है.

आईबीएफपी भारत और बांग्लादेश के बीच पहली सीमा पार ऊर्जा पाइपलाइन

इस पाइपलाइन का उद्घाटन संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने किया था.
नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड 2015 से बांग्लादेश को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति कर रही है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, आईबीएफपी भारत और बांग्लादेश के बीच पहली सीमा पार ऊर्जा पाइपलाइन है, जिसकी क्षमता बांग्लादेश को 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) परिवहन करने की है.

बांग्लादेश पेट्रोलियम निगम (बीपीसी) के अध्यक्ष मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि कल भारत से बांग्लादेश में 5,000 टन डीजल आयात किया गया. यह डीजल परबतीपुर सीमा के रास्ते प्रवेश करेगा. इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन वार्ताएं हुईं. 

जयशंकर ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, आखिरी वार्ता में जहाजरानी की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई. इससे आगे कुछ कहना मेरे लिए जल्दबाजी होगी.

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