मोबाइल पर बात करना और इंटरनेट सर्फिंग अगले कुछ महीनों में मंहगा हो जाएगा। देश की प्रमुख टेलीकाम सेवा प्रदाता कंपनियां इस साल जून के दौरान अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी का एलान किया है।
मोबाइल टैरिफ इस साल 15 फीसदी तक हो सकता है महंगा
मोबाइल पर बात करना और इंटरनेट सर्फिंग अगले कुछ महीनों में मंहगा हो जाएगा। देश की प्रमुख टेलीकाम सेवा प्रदाता कंपनियां इस साल जून के दौरान अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी का एलान किया है। जियो, एयरटेल और वीआई जून 2026 तक अपने टैरिफ में 15% की बढ़ोतरी करने का एलान किया है। इससे अगले वित्त वर्ष तक टेलीकाम सेक्टर से सरकार के की राजस्व वृद्धि दोगुनी हो सकती है।
आईपीओ और फंड जुटाने का असर
टेलीकाम बाजार विश्लेषकों का पहले अनुमान था कि मोबाइल टैरिफ प्लान में मार्च महीने के बाद वृद्धि होगी। लेकिन अब माना जा रहा है कि मई-जून में जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ आने के बाद ये बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा वोडाफोन आइडिया भी अपने विस्तार के लिए पूंजी जुटाने जा रही है जिसमें इतना समय लग सकता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक औपचारिक रूप से आखिरी बार टैरिफ में 25% तक की बढ़ोतरी जुलाई 2024 में हुई थी। दिसंबर 2019 से, मोबाइल टैरिफ में औसतन 12-15% सालाना की दर से वृद्धि हुई है।
2033 तक हर साल बढ़ सकते हैं रेट
ब्रोकरेज फर्मों की राय है कि 2026 से 2033 तक टेलीकॉम कंपनियां हर साल टैरिफ बढ़ा सकती हैं। इससे औसतन 10% सालाना बढ़ोतरी का औसत हासिल होगा। एम्बिट सिक्युरिटीज के मुताबिक यह बढ़ोतरी 2019-25 की तुलना में कम होगी। टैरिफ में इस बदलाव से भारत का दूरसंचार खर्च जियो के आने से पहले (वित्त वर्ष 2016) जीडीपी के 1.3% तक पहुंच जाएगा।
यह भी पढ़े: जापान के पूर्व पीएम शिंजो के हत्यारे को उम्रकैद
https://www.primenewsnetwork.in/india/japan-ex-pm-shinzo-killer-gets-life-sentence/105761