कलाकार थिबॉल्ट डी ला लांस और थियोफाइल डी बाशर पहली बार भारत आए थे और एक कला रेजीडेंसी कार्यक्रम के तहत जयपुर में 10 दिन बिताए।
नीस ( फ्रांस ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' सम्मेलन के दौरान जयपुर की अपनी हालिया यात्रा के बाद दो फ्रांसीसी कलाकारों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी देखने के लिए समय निकाला। इस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए पीएम मोदी ने भारत और फ्रांस के बीच संबंधों को मजबूत करने में संस्कृति की भूमिका पर प्रकाश डाला। तस्वीरों में प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन भारतीय विरासत और परंपराओं से प्रेरित रंगीन कलाकृतियों को देखते हुए नजर आ रहे हैं। तस्वीरों के साथ पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा, "संस्कृति मजबूत भारत-फ्रांस साझेदारी की एक प्रमुख नींव है। 'भारत इनोवेट्स' में, राष्ट्रपति मैक्रॉन और मैंने दो फ्रांसीसी कलाकारों, थियोफाइल डी बाशर और थिबॉल्ट डी ला लांस की कला प्रदर्शनी देखी, जो हाल ही में एक कला रेजीडेंसी के लिए जयपुर आए थे।"
चित्रकारों और मूर्तिकारों ने भारतीय सौंदर्यशास्त्र को उकेरा
विदेश मंत्रालय ने भी प्रदर्शनी के बारे में जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कलाकार थिबॉल्ट डी ला लांस और थियोफाइल डी बाशर पहली बार भारत आए थे और एक कला रेजीडेंसी कार्यक्रम के तहत जयपुर में 10 दिन बिताए। उन्होंने लिखा,
"नीस की यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रॉन ने जयपुर में 10 दिवसीय कला रेजीडेंसी के बाद फ्रांसीसी कलाकारों थिबॉल्ट डी ला लांस और थियोफाइल डी बाशर की कृतियों का अवलोकन किया। पहली बार भारत आए इन चित्रकारों और मूर्तिकारों ने भारतीय सौंदर्यशास्त्र और संस्कृति से प्रेरणा लेकर अपनी कलाकृतियों में उन्हें समाहित किया है, जो भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संगम को दर्शाती हैं।"
प्रदर्शनी तीन दिवसीय भारत इनोवेट्स सम्मेलन का हिस्सा थी
यह प्रदर्शनी नीस में 14 से 16 जून तक आयोजित तीन दिवसीय भारत इनोवेट्स सम्मेलन का हिस्सा थी। इस सम्मेलन में भारतीय स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान, निवेशक और उद्योग जगत के नेता नवाचार को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक साथ आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रॉन की संयुक्त उपस्थिति भारत-फ्रांस संबंधों में प्रौद्योगिकी और नवाचार के बढ़ते महत्व का संकेत देती है। हाल के वर्षों में रक्षा और अंतरिक्ष से लेकर डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग गहरा हुआ है। (एएनआई)