आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में फुटबाल जगत के दिग्गज खिलाड़ी लियोनल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई घटना और पश्चिम बंगाल के मतुआ समुदाय का जिक्र कर ही दिया।
फुटबाल और मतुआ समुदाय पर पीएम मोदी का बयान
आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में फुटबाल जगत के दिग्गज खिलाड़ी लियोनल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई घटना और पश्चिम बंगाल के मतुआ समुदाय का जिक्र कर ही दिया। कोलकाता से रवाना होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साल्टलेक स्टेडियम की घटना और मतुआ समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
खराब मौसम बना कार्यक्रम में बाधा
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को कोलकाता पहुंचे थे, लेकिन वे नदिया जिले के ताहेरपुर नहीं जा सके, जहां भाजपा की ओर से परिवर्तन संकल्प रैली आयोजित की गई थी। उन्हें यहां सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर करीब 3,200 करोड़ रुपये की सड़क और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करना था। मौसम बेहद खराब होने के कारण वे ताहेरपुर नहीं पहुंच सके और कोलकाता एयरपोर्ट से ही वर्चुअल माध्यम से रैली को संबोधित करना पड़ा।
ताहेरपुर रैली में नहीं हुआ जिक्र
वर्चुअल संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साल्टलेक स्टेडियम की घटना और मतुआ समुदाय का कोई उल्लेख नहीं किया था। हालांकि, कोलकाता से जाने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने इन मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
साल्टलेक स्टेडियम की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में हुई घटना ने फुटबाल प्रेमियों का मन दुखी कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की वजह से राज्य के फुटबाल प्रेमियों को शर्म से मुंह छिपाना पड़ रहा है और पश्चिम बंगाल के लोगों को बहुत कुछ सहना पड़ रहा है।
पश्चिम बंगाल में ‘महा जंगलराज’ का आरोप
कहना न होगा कि ताहेरपुर रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में “महा जंगलराज” होने की बात कही थी। इसी कड़ी में साल्टलेक स्टेडियम की घटना को लेकर उनकी टिप्पणी को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
घटना के बाद ममता सरकार पर दबाव
उल्लेखनीय है कि साल्टलेक स्टेडियम की घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लियोनल मेसी से माफी मांगनी पड़ी। अवकाशप्राप्त जज असीम कुमार राय की अध्यक्षता में एक कमेटी इस घटना की जांच कर रही है, जबकि एक विशेष जांच टीम (SIT) भी गठित की गई है।
खेल मंत्री का इस्तीफा, भाजपा का आक्रामक रुख
राज्य के खेल मंत्री अरुप विश्वास ने इस्तीफा दे दिया है। भाजपा ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी सरकार और टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की मांग है कि घटना की न्यायिक जांच हो और खेल मंत्री अरुप विश्वास के साथ-साथ दमकल मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया जाए।
हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने साल्टलेक स्टेडियम की घटना को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की है।
मतुआ समुदाय को पीएम मोदी का भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने मतुआ समुदाय को भरोसा दिलाया कि वे टीएमसी की दया पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय को इस देश में रहने का पूरा अधिकार है और इसी उद्देश्य से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लाया गया है।
भाजपा सरकार में हितों की रक्षा का वादा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो मतुआ और नमोशूद्र समुदाय के हित में और अधिक काम किया जाएगा।
ताहेरपुर रैली में बड़ी संख्या में जुटा मतुआ समाज
रानाघाट लोकसभा क्षेत्र के तहत ताहेरपुर में आयोजित परिवर्तन संकल्प रैली में नदिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद जिले से बड़ी संख्या में मतुआ समुदाय के लोग पहुंचे थे।
मतुआ वोट बैंक और भाजपा की चुनावी सफलता
रानाघाट और बनगांव लोकसभा सीटों पर मतुआ समुदाय के समर्थन के चलते भाजपा को जीत मिली है। मतुआ समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
घोषणाओं की उम्मीद, लेकिन मायूसी
मतुआ समुदाय को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी ताहेरपुर रैली में उनके लिए कोई विशेष घोषणा करेंगे। ऐसा न होने से समुदाय के लोग मायूस हुए। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बाद में दिया गया भरोसा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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