भोपाल। केंद्रीय बजट 2026–27 में मध्य प्रदेश को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। केंद्र सरकार की कर हिस्सेदारी में बदलाव के चलते राज्य को अब हर साल करीब 7500 करोड़ रुपये कम मिलेंगे।
मप्र को कम मिला पैसा, कारण...राजस्व में भारी गिरावट
केंद्रीय बजट 2026–27 में मध्य प्रदेश को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। केंद्र सरकार की कर हिस्सेदारी में बदलाव के चलते राज्य को अब हर साल करीब 7500 करोड़ रुपये कम मिलेंगे। यह कटौती अगले पांच साल (अप्रैल 2026 से मार्च 2031) तक लागू रहेगी। इसका असर राज्य के खजाने पर सीधा पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय करों के बंटवारे में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी पहले के मुकाबले कम कर दी गई है। इससे राज्य को मिलने वाली राशि में भारी गिरावट हुई है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विकास योजनाओं और नई परियोजनाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
सिंहस्थ विशेष पैकेज को ना, राज्य को अपने बलबूते करनी होगी तैयारी
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को लेकर राज्य सरकार को केंद्र से किसी स्पेशल पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इसकी कोई घोषणा नहीं की गई। इससे सिंहस्थ की तैयारियों के लिए राज्य को अपने संसाधनों पर ही निर्भर रहना होगा।
पर, राहत यह भी - 10 शहरों के विकास के लिए 5000 करोड़...
राहत की बात यह है कि बजट में मध्य प्रदेश के 10 शहरों के विकास के लिए करीब 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से शहरी बुनियादी ढांचे, सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
राज्य सरकार की वित्तीय चुनौतियां बढ़ेंगी
विशेषज्ञों का कहना है कि एक तरफ शहरों के विकास को गति मिलेगी, तो दूसरी ओर कर हिस्सेदारी में कटौती से राज्य सरकार की वित्तीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। आने वाले समय में सरकार को खर्च और योजनाओं को लेकर संतुलन बनाना होगा।
बजट 2026–27... मध्य प्रदेश की तस्वीर मिली-जुली
एक तरफ 7500 करोड़ का नुकसान,दूसरी ओर शहरी विकास के लिए 5000 करोड़ की सौगात,लेकिन सिंहस्थ स्पेशल पैकेज से निराशा हाथ लगी है।
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