लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जर्मनी दौरे के दौरान 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाया हैं। उन्होंने कहा कि भारत में चुनावी तंत्र में गड़बड़ी है। देश के संस्थान पूरी तरह से खतरे में हैं।
जर्मनी में राहुल गांधी ने उठाया वोट चोरी का मुद्दा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जर्मनी दौरे के दौरान ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में चुनावी तंत्र में गड़बड़ी है और देश के संस्थान पूरी तरह खतरे में हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन संस्थानों का इस्तेमाल अपने पक्ष में हथियार के तौर पर कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही है।
वोटर लिस्ट और चुनावों पर सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में दोहरे मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव निष्पक्ष नहीं थे। उधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन पर विदेश में भारत का अपमान करने का आरोप लगाया।
बर्लिन में हर्टी स्कूल में दिया भाषण
राहुल गांधी ने बर्लिन के हर्टी स्कूल में अपने भाषण में कहा कि भारत के संस्थागत ढांचे पर पूरी तरह कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ इन एजेंसियों के मामले शून्य हैं, जबकि विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या काफी ज्यादा है।
विपक्ष को सामना करने के उपाय खोजने होंगे
राहुल गांधी ने कहा, 'भारत में ऐसा माहौल है जहां संस्थाएं अपनी भूमिका नहीं निभा रही हैं। कांग्रेस के नजरिए से देखें तो हम संस्थागत ढांचा बनाने में मदद करते हैं। इसलिए हमने इसे कभी अपना संस्थागत ढांचा नहीं माना। भाजपा इसे इस तरह नहीं देखती। भाजपा भारत के संस्थागत ढांचे को अपना मानती है और इसलिए वे इसका इस्तेमाल राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए करते हैं। गांधी ने कहा कि विपक्ष को इसका मुकाबला करने के तरीके खोजने होंगे। उन्होंने कहा, सिर्फ यह कहना काफी नहीं है कि, 'चुनाव में कोई समस्या है। हम इससे निपटेंगे। और हम विरोध का एक ऐसा तरीका, एक ऐसी प्रणाली बनाएंगे जो सफल होगी। इंडिया गठबंधन से जुड़े एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा, लोग अक्सर चुनाव आने पर ही गठबंधन को मजबूत होते हुए देखते हैं। उन्होंने कहा, इसे थोड़ा अलग नजरिए से देखिए। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां आरएसएस की मूल विचारधारा से सहमत नहीं हैं। यही मुख्य बात है। और आप उनमें से किसी से भी पूछ सकते हैं। उनमें से कोई भी यह नहीं कहेगा कि वास्तव में हम आरएसएस की वैचारिक स्थिति में विश्वास करते हैं। इसलिए हम इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट हैं। लेकिन हमारे बीच रणनीतिक मुकाबले होते हैं और आगे भी होते रहेंगे।
भाजपा ने राहुल के बयान पर किया पलटवार
राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, जब संसद का सत्र चल रहा होता है, तब राहुल गांधी जर्मनी में होते हैं। और वहां वे भारत के खिलाफ भाषण दे रहे होते हैं। वे कब भाषण देते हैं? जब प्रधानमंत्री मोदी को 29 से अधिक बार सम्मान दिया जा रहा है, तब वे जाकर भारत को गाली देते हैं। भाजप प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि गांधी एक बार फिर 'भारत को बदनाम करने' के दौरे पर हैं। वे विदेश जाते हैं, भारत को बदनाम करते हैं, झूठ बोलते हैं। वे विपक्ष के नेता नहीं, बल्कि दुष्प्रचार के नेता हैं। उन्होंने जर्मनी में कहा है कि भारत में कोई विनिर्माण नहीं है और संस्थान ध्वस्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा है कि चीन तरक्की कर रहा है। चीन की प्रशंसा करो, भारत को बदनाम करो, यही अब राहुल गांधी की पहचान बन गई है।
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