नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) देश में उभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरा है।
National Consumer Helpline has provided refunds worth Rs 45 crore to consumers |
नई दिल्ली। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) देश में उभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 8 महीनों में उभोक्ताओं को 31 क्षेत्रों में 45 करोड़ रुपए का रिफंड वापस दिलवाया है। यह जानकारी उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा को दी गई। सभी मामले रिफंड से जुड़े थे, जिन्हें कोर्ट जाने से पहले यानी प्री-लिटिगेशन स्टेज पर सुलझाया गया।
मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की एक प्रमुख पहल, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच), देश भर में उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्रभावी, समयबद्ध और मुकदमेबाजी से पहले निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन ने 8 महीनों में 67,265 शिकायतों का किया समाधान
सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया, कि 25 अप्रैल से 26 दिसंबर 2025 के बीच नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन ने 31 अलग-अलग सेक्टरों से जुड़े 67,265 उपभोक्ता शिकायतों का समाधान किया। इन आठ महीनों की अवधि के दौरान, हेल्पलाइन ने उपभोक्ता शिकायतों का समाधान करते हुए 45 करोड़ रुपए का रिफंड दिलवाया है। इस रिफंड में से 32 करोड़ रुपए की राशि ई-कॉमर्स क्षेत्र से है, जबकि 3.5 करोड़ रुपए का रिफंड यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में दिया गया है।
हेल्पलाइन पर ई-कॉमर्स सेक्टर में मिले सबसे ज़्यादा शिकायतें और रिफंड
हेल्पलाइन पर ई-कॉमर्स सेक्टर में सबसे ज़्यादा शिकायतें और रिफंड मिले। हेल्पलाइन ने 39,965 शिकायतों को हल किया और कस्टमर को 32 करोड़ रुपये वापस करने में मदद की। इसके बाद दूसरा सेक्टर ट्रैवल और टूरिज्म रहा। जिसमें 4,050 शिकायतें और 3.5 करोड़ रुपये के रिफंड मिले। एजेंसी सर्विसेज ने 1.34 करोड़ रुपये का रिफंड रिकॉर्ड किया, जबकि इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स ने 1.17 करोड़ रुपये का रिफंड किया। एयरलाइंस ने हेल्पलाइन की मदद से पैसेंजर्स को 95 लाख रुपये भी लौटाए। सरकार ने बताया कि 1,000 से ज़्यादा पार्टनर कंपनियों के होने से हेल्पलाइन को इन समस्याओं को ज़्यादा असरदार तरीके से हल करने में मदद मिली।
इस उपलब्धि के पीछे का एक प्रमुख कारण साझेदारों की संख्या में विस्तार
इसके अलावा, एनसीएच ने एजेंसी सेवाओं के लिए 1.3 करोड़ रुपए, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए 1.1 करोड़ रुपए और एयरलाइंस से 95 लाख रुपए का रिफंड दिलवाया है। सरकार ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे का एक प्रमुख कारण साझेदारों की संख्या में विस्तार है जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्रभावी ढंग से समाधान करने की सामूहिक क्षमता में वृद्धि हुई है।
कंज्यूमर हेल्पलाइन के जरिये कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत कस्टमर और कंपनियों के बीच समस्याओं को हल करने के एक तेज और सस्ते तरीके के तौर पर काम किया। हेल्पलाइन मुकदमेबाजी से पहले, एनसीएच विवादों के त्वरित, किफायती और सौहार्दपूर्ण समाधान को सक्षम बनाती है जिससे उपभोक्ता आयोगों पर बोझ कम होता है।
देशभर के उपभोक्ताओं ने 17 अलग-अलग भाषाओं में किया हेल्पलाइन का इस्तेमाल
मंत्रालय ने बताया कि देशभर के उपभोक्ताओं ने 17 अलग-अलग भाषाओं में हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया। लोगों ने टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल करके या ऑफिशियल वेबसाइट का इस्तेमाल करके अपनी शिकायतें दर्ज करायीं। इस सिस्टम में लोगों को मदद मांगने के लिए WhatsApp, SMS, NCH ऐप या उमंग ऐप का इस्तेमाल करने की भी सुविधा दी गयी है।
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